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पहाड़ी जनजाति को दशकों से किया जा रहा नजर अंदाज

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नौशेरा। पहाड़ी जनजाति एसटी फोरम ने सोमवार को सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में पहाड़ी जाति को उचित अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को दोहराया गया।
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वक्ताओं ने कहा कि दुर्भाग्य से दशकों से उनकी मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। पहाड़ी जनजाति अभी भी अनुसूचित जनजाति के वास्तविक अधिकार की प्रतीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी जातीयता भारत सरकार द्वारा संवैधानिक संशोधन के साथ अच्छी तरह से उल्लिखित एक जनजाति का गठन करती है। हाल के दिनों में सरकार द्वारा दिखाई गई चिंता की सराहना की, जो स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि पहाड़ी को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त होने का उनका मूल अधिकार मिलने वाला है। फोरम के सदस्यों ने चिंता व्यक्त की और सरकार से अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग को पूरा करने की अपील की।
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सम्मेलन में निखिल गुप्ता, शक्ति शर्मा, नरेंद्र शर्मा, विशाल गुप्ता, संजीव दत्ता, मोहम्मद अफजल, अनु भसीन, सुरेश भगत, प्रीति गुप्ता, सरपंच रोमेश चौधरी, मोहन कुमार, शुभम, सुखदेव चौधरी, सरपंच भोला राम, छोटू राम चौधरी, तेज भान, चंदर कुमार की मौजूदगी रही।
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