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Rajouri News: मेरे जवान बेटे को चिट्टा खा गया...ड्रग्स तस्करों को खत्म करो
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राजोरी का मामला...23 साल के बेटे की मौत पर बिलखते हुए पिता ने कहा- जब तक उसकी लत का पता चला, बहुत देर हो चुकी थी
राजोरी। चिट्टा मेरे जवान बेटे को खा गया...। देखना, सबके बच्चों को खा जाएंगे ये ड्रग्स के कारोबारी। इन पर लगाम लगाइए, वरना हमारी तरह न जाने कितने परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटेगा। राजोरी के अल्ताफ हुसैन इतना कहते-कहते बिलखने लगते हैं। आमतौर पर ड्रग्स के ओवरडोज से मौत होने की बात कोई स्वीकार नहीं करता है। पुलिस की पूछताछ के डर से चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। पर, अल्ताफ ने इसे स्वीकार करने का साहस दिखाया।
अल्ताफ के 23 वर्षीय बेटे आमिर लोन की बुधवार को मौत हो गई। बेटे के शव के सिरहाने बैठे अल्ताफ रोते-बिलखते कहते हैं, आमिर सबसे बड़ा था। महज 23 साल का। कुछ दिनों से उसका व्यवहार बदला-बदला सा था। एक दिन मैंने उसे ड्रग्स लेते देखा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अल्ताफ कहते हैं, अक्सर ड्रग्स लेकर घर आता और कमरे में जाकर सो जाता। मना करने का भी उस पर कोई असर नहीं हुआ। बुधवार को भी वह आया और कमरे में चला गया। खाना खाने के लिए जब नहीं आया तो उसे जगाने गए। कमरे में वह अचेत पड़ा था। जीएमसी ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। बेटे की मौत, नशे की आदत का जिक्र करते-करते अल्ताफ रोते ही रहे।
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अल्ताफ ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस को ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार करना चाहिए। ऐसा मामला दर्ज किया जाए कि ऐसे लोगों को कभी जमानत न मिले। मेरे बेटे की तरह किसी का जवान बेटा ड्रग्स की भेंट न चढ़े, इसलिए
ड्रग्स माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक बोले - विधानसभा में उठाऊंगा ड्रग्स का मुद्दा
यहां मौजूद राजोरी के विधायक इफ्तकार अहमद ने कहा, मैं इस मुद्दे को विधानसभा में उठाऊंगा। ड्रग्स तस्करों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत कार्रवाई हो, ताकि कम से कम पांच साल जेल से बाहर न आ सकें। उधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को कब्जे में ले लिया है। वीरवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा।
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राजोरी। चिट्टा मेरे जवान बेटे को खा गया...। देखना, सबके बच्चों को खा जाएंगे ये ड्रग्स के कारोबारी। इन पर लगाम लगाइए, वरना हमारी तरह न जाने कितने परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटेगा। राजोरी के अल्ताफ हुसैन इतना कहते-कहते बिलखने लगते हैं। आमतौर पर ड्रग्स के ओवरडोज से मौत होने की बात कोई स्वीकार नहीं करता है। पुलिस की पूछताछ के डर से चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया जाता है। पर, अल्ताफ ने इसे स्वीकार करने का साहस दिखाया।
अल्ताफ के 23 वर्षीय बेटे आमिर लोन की बुधवार को मौत हो गई। बेटे के शव के सिरहाने बैठे अल्ताफ रोते-बिलखते कहते हैं, आमिर सबसे बड़ा था। महज 23 साल का। कुछ दिनों से उसका व्यवहार बदला-बदला सा था। एक दिन मैंने उसे ड्रग्स लेते देखा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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अल्ताफ कहते हैं, अक्सर ड्रग्स लेकर घर आता और कमरे में जाकर सो जाता। मना करने का भी उस पर कोई असर नहीं हुआ। बुधवार को भी वह आया और कमरे में चला गया। खाना खाने के लिए जब नहीं आया तो उसे जगाने गए। कमरे में वह अचेत पड़ा था। जीएमसी ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है। बेटे की मौत, नशे की आदत का जिक्र करते-करते अल्ताफ रोते ही रहे।
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अल्ताफ ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस को ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार करना चाहिए। ऐसा मामला दर्ज किया जाए कि ऐसे लोगों को कभी जमानत न मिले। मेरे बेटे की तरह किसी का जवान बेटा ड्रग्स की भेंट न चढ़े, इसलिए
ड्रग्स माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक बोले - विधानसभा में उठाऊंगा ड्रग्स का मुद्दा
यहां मौजूद राजोरी के विधायक इफ्तकार अहमद ने कहा, मैं इस मुद्दे को विधानसभा में उठाऊंगा। ड्रग्स तस्करों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत कार्रवाई हो, ताकि कम से कम पांच साल जेल से बाहर न आ सकें। उधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को कब्जे में ले लिया है। वीरवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा।