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नियंत्रण रेखा के पास वाले बूथ चुनौती बने
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Fri, 28 Nov 2014 01:15 AM IST
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जिले के एलओसी के पास सटे गांवों में मतदान करवाना चुनौती बना हुआ है। नौशेरा, मंजाकोट, गंभीर मुगलां, लाम, केरी सेक्टर आदि क्षेत्रों में पोलिंग करवाना और इन क्षेत्रों में मतदाताओं को पोलिंग बूथों तक ला पाना जिला चुनाव अधिकारी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
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जिला चुनाव अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजोरी विधानसभा क्षेत्र में एलओसी के पास करीब 21 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जबकि नौशेरा विधानसभा क्षेत्र में एलओसी के पास करीब 17 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इन सभी को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। यहां कभी भी पाकिस्तान की आईएसआई और अन्य आतंकवादी संगठनों द्वारा घुसपैठ की मंशा से संघर्ष विराम का उल्लंघन हो सकता है।
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ऐसे में चुनाव आयोग के लिए इन पोलिंग बूथों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाने के सिवा और कोई चारा नहीं रहेगा।एलओसी के पास बनाए गए बूथों को यदि कहीं अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाता है तो मतदाताओं को कम से कम 5 से 10 किलोमीटर तक का सफर पैदल तय करना पड़ेगा। इस संबंध में उप जिला चुनाव अधिकारी एवं एडीसी राजोरी सलीम मलिक ने बताया कि 38 में से करीब 15 पोलिंग बूथ ऐसे हैं, जहां पहुंचने के लिए मतदाताओं को वाहनों की जररूत ही नहीं है।
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वह पैदल ही नए पोलिंग बूथों पर पहुंच जाएंगे। वहीं जिला चुनाव अधिकारी एवं डीसी राजोरी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जब पोलिंग बूथ किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किए जाएंगे तो मतदाताओं को नए पोलिंग बूथों तक लाना और वापस भेजना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। ऐसे में चुनाव आयोग पहले से ही इन स्थानों पर वाहन उपलब्ध रखेगा, जिससे मतदाताओं को लाने और वापस ले जाने में कोई दिक्कत न हो।