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ड्रोन की बढ़ती गतिविधियो के चलते वीडिसी को सक्रिय बनाने मे जुटी सेना
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राजोरी। कुछ समय पहले जम्मू के वायु सेना स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के मद्देनजर सेना राजोेरी जिले में ग्रामीण सुरक्षा समिति (वीडीसी) के सदस्यों के साथ विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर उन्हें सक्रिय करने में जुट गई है, ताकि उन्हें ड्रोन का पता लगाने और अत्याधुनिक हथियारों से निपटने के बारे में प्रशिक्षित किया जा सके।
वीडीसी सदस्यों को ड्रोन का पता लगाने, ड्रोन के उड़ने के गणित को समझने और संभावित ड्रोन हमलों को विफल करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया है कि राजोेरी के वीडीसी सदस्यों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। उग्रवाद का ग्राफ गिर चुका है, लेकिन अब ड्रोन की लगातार आवाजाही के चलन में अचानक तेजी आने की संभावना है।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना नियमित रूप से जम्मू प्रांत के अधिकांश दूरदराज के इलाकों में वीडीसी सदस्यों से मिलती है, जहां राष्ट्र विरोधी तत्व हमेशा उग्रवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश करते हैं। सैन्य प्रतिष्ठानों पर हाल ही में ड्रोन गतिविधियों के चलते सेना ने विश्वसनीय वीडीसी सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें ड्रोन निगरानी के बारे में शिक्षित किया है। बातचीत के दौरान वीडीसी सदस्यों को हथियारों को संभालने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, और उन्हें निगरानी के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में भी जागरूक किया जाता है। वीडीसी सदस्यों को सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन से होने वाले खतरों के बारे में भी जागरूक किया जाता है।
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सूत्रों ने बताया कि वीडीसी सदस्यों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में और आसपास की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के मामले में स्थानीय पुलिस या सेना इकाई को सूचित करें। भारतीय सेना ने वीडीसी के सभी सदस्यों को उनकी आत्मरक्षा क्षमताओं को और बेहतर बनाने और वीडीसी की भूमिका पर जोर दिया। सेना वीडीसी सदस्यों को हथियार संचालन और सफाई, फायरिंग की स्थिति और हथियारों की मामूली मरम्मत के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित करती रहती है।
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वीडीसी सदस्यों को ड्रोन का पता लगाने, ड्रोन के उड़ने के गणित को समझने और संभावित ड्रोन हमलों को विफल करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया है कि राजोेरी के वीडीसी सदस्यों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। उग्रवाद का ग्राफ गिर चुका है, लेकिन अब ड्रोन की लगातार आवाजाही के चलन में अचानक तेजी आने की संभावना है।
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सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना नियमित रूप से जम्मू प्रांत के अधिकांश दूरदराज के इलाकों में वीडीसी सदस्यों से मिलती है, जहां राष्ट्र विरोधी तत्व हमेशा उग्रवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश करते हैं। सैन्य प्रतिष्ठानों पर हाल ही में ड्रोन गतिविधियों के चलते सेना ने विश्वसनीय वीडीसी सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें ड्रोन निगरानी के बारे में शिक्षित किया है। बातचीत के दौरान वीडीसी सदस्यों को हथियारों को संभालने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, और उन्हें निगरानी के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में भी जागरूक किया जाता है। वीडीसी सदस्यों को सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन से होने वाले खतरों के बारे में भी जागरूक किया जाता है।
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सूत्रों ने बताया कि वीडीसी सदस्यों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में और आसपास की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के मामले में स्थानीय पुलिस या सेना इकाई को सूचित करें। भारतीय सेना ने वीडीसी के सभी सदस्यों को उनकी आत्मरक्षा क्षमताओं को और बेहतर बनाने और वीडीसी की भूमिका पर जोर दिया। सेना वीडीसी सदस्यों को हथियार संचालन और सफाई, फायरिंग की स्थिति और हथियारों की मामूली मरम्मत के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित करती रहती है।