{"_id":"61fec5c007014a4edb218271","slug":"agriculture-rajouri-news-jmu2532621135","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीडीसी राजोरी ने बागवानी, पोल्ट्री (मुर्गी पालन) क्षेत्र में उपलब्धियों की समीक्षा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीडीसी राजोरी ने बागवानी, पोल्ट्री (मुर्गी पालन) क्षेत्र में उपलब्धियों की समीक्षा की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने शविार को बागवानी, मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन को दोगुना करने पर जोर दिया। वह उक्त क्षेत्रों में दर्ज उपलब्धियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पोल्ट्री बाजार को सुगम बनाने के लिए काम किया जाए।
मुर्गी पालन क्षेत्र की समीक्षा करते हुए विकास अधिकारी डॉ. सफीर अहमद टाक ने बताया कि वर्ष 2021 में जिले में 2326 टन मुर्गी और 2.88 लाख अंडे का उत्पादन दर्ज किया गया। 10 निजी चिक फार्म के अलावा सरकार के पास 7000 चूजों की क्षमता वाले दो फार्म हैं। उपायुक्त ने बेहतर एवं संगठित बाजार जुड़ाव के लिए जिले में मुर्गी पालन एवं अंडा सहकारी समितियों के गठन की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि विभाग परीक्षण के आधार पर जिले में कड़कनाथ मुर्गी की नस्ल पेश करेगा और किसानों के बीच रियायती दरों पर चूजों का वितरण करेगा। चीफ हॉर्टीकल्चर अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 3800 टन के मुकाबले इस वर्ष बागवानी उत्पादन 6000 टन तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में 4 कार्यरत सरकारी नर्सरी हैं और सरकारी नर्सरी में 3 लाख पिकानट पौधे पैदा किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि कैलिफोर्निया स्ट्रॉबेरी को जिले में पेश किया गया है और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 200 कनाल भूमि में स्ट्रॉबेरी की खेती की जाती है, और 12 टन स्ट्रॉबेरी का उत्पादन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राजोरी के बेहरोट गांव में अल्ट्रा हाई-डेंसिटी सेब का बागान एक बहुत ही सफल उद्यम है, और विभाग इसके तहत क्षेत्र को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
विज्ञापन
मुर्गी पालन क्षेत्र की समीक्षा करते हुए विकास अधिकारी डॉ. सफीर अहमद टाक ने बताया कि वर्ष 2021 में जिले में 2326 टन मुर्गी और 2.88 लाख अंडे का उत्पादन दर्ज किया गया। 10 निजी चिक फार्म के अलावा सरकार के पास 7000 चूजों की क्षमता वाले दो फार्म हैं। उपायुक्त ने बेहतर एवं संगठित बाजार जुड़ाव के लिए जिले में मुर्गी पालन एवं अंडा सहकारी समितियों के गठन की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि विभाग परीक्षण के आधार पर जिले में कड़कनाथ मुर्गी की नस्ल पेश करेगा और किसानों के बीच रियायती दरों पर चूजों का वितरण करेगा। चीफ हॉर्टीकल्चर अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 3800 टन के मुकाबले इस वर्ष बागवानी उत्पादन 6000 टन तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में 4 कार्यरत सरकारी नर्सरी हैं और सरकारी नर्सरी में 3 लाख पिकानट पौधे पैदा किए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि कैलिफोर्निया स्ट्रॉबेरी को जिले में पेश किया गया है और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 200 कनाल भूमि में स्ट्रॉबेरी की खेती की जाती है, और 12 टन स्ट्रॉबेरी का उत्पादन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राजोरी के बेहरोट गांव में अल्ट्रा हाई-डेंसिटी सेब का बागान एक बहुत ही सफल उद्यम है, और विभाग इसके तहत क्षेत्र को बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
विज्ञापन