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रिफ्यूजियों ने प्रदर्शन कर मांगा मुआवजा
Rajouri
Updated Mon, 30 Jun 2014 05:32 AM IST
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पुंछ। अपनी मांगों को लेकर 1947 के पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के रिफ्यूजियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर कहा कि पीओके में छूटी संपत्ति की एवज में प्रति परिवार कम से कम 50 लाख रुपये एकमुश्त मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मांगें जल्द नहीं मानी तो सभी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कृष्णचन्द्र पार्क में रिफ्यूजी विकास मंच की तरफ से प्रदर्शन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में विस्थापित शामिल हुए। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। प्रधान एडवोकेट चमन लाल, नाहर सिंह तारा, पिशोरी लाल, कुलदीप राज सूदन, लक्ष्मी चंद शास्त्री ने कहा कि 66 वर्ष बीतने के बाद भी हम पीओके रिफ्यूजियों का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। केंद्र की नई सरकार से एक बार फिर सभी की उम्मीदेें बंधी है। जिन लोगों के पास मकान और भूमि नहीं है, उन्हें प्रति परिवार कम से कम 48 कनाल जमीन दी जाए और मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता दी जाए। रिफ्यूजियों के बच्चों को प्रोफेशनल कालेजों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाए।
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कृष्णचन्द्र पार्क में रिफ्यूजी विकास मंच की तरफ से प्रदर्शन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में विस्थापित शामिल हुए। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। प्रधान एडवोकेट चमन लाल, नाहर सिंह तारा, पिशोरी लाल, कुलदीप राज सूदन, लक्ष्मी चंद शास्त्री ने कहा कि 66 वर्ष बीतने के बाद भी हम पीओके रिफ्यूजियों का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। केंद्र की नई सरकार से एक बार फिर सभी की उम्मीदेें बंधी है। जिन लोगों के पास मकान और भूमि नहीं है, उन्हें प्रति परिवार कम से कम 48 कनाल जमीन दी जाए और मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता दी जाए। रिफ्यूजियों के बच्चों को प्रोफेशनल कालेजों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाए।
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