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बर्फबारी से चरमराई बिजली सेवा, रात को अंधेरे में रहते हैं गांव
Rajouri
Updated Fri, 03 Jan 2014 05:48 AM IST
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राजोरी। बर्फबारी ने बिजली विभाग की हालत पतली कर दी है। लगातार तीसरे दिन भी जिले के कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हो पाई। अगले एक हफ्ते तक बिजली के नहीं आने की संभावना है। अधिकतर क्षेत्रों में बर्फबारी से ट्रांसफार्मर तहस-नहस हो गए हैं। विभागीय अधिकारी ढांचागत नुकसान के आंकलन में जुटे हैं।
विभाग के जिला इंजीनियर इरशाद चौधरी ने बताया कि थन्नामंडी, दरहाल, बुद्दल, कंडी, कोटरंका, बकोरी में बिजली के ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। इस साल खंभे कम टूटे हैं, लेकिन ट्रांसफार्मर अधिक जले हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शुक्रवार तक यह आंकड़ा बढ़ सकता है। तारों को भी क्षति पहुंची है। नुकसान का सही अनुमान एक दो दिन में लगेगा। सभी क्षेत्रों के अधिकारियों को नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है। जिला उपायुक्त हेमंत कुमार शर्मा ने कहा कि बर्फ गिरने से काफी रास्ते बंद हो गए थे, यहां से बर्फ हटा ली गई है। बिजली की सप्लाई बहाल होते वक्त लगेगा। दरहाल, थन्नामंडी, बुद्दल और कंडी कोटरंका के कई गांव में बिजली नहीं पहुंच पा रही है। समोट के सरपंच खलील रेहमान का कहना है कि तीन दिन से बिजली बंद है। यहां तक कि विभाग के ग्रिड स्टेशन में ताला लगा हुआ है। कोई कर्मचारी तक नहीं है। दूसरी ओर, जानकारी के अनुसार बिजली विभाग के पास नए ट्रांसफार्मर नहीं हैं। ऐसे में पुराने ट्रांसफार्मर रिपेयर करके ही काम चलाना पड़ रहा है। अब तक ट्रांसफार्मर वर्कशाप में नहीं पहुंचाए गए हैं। वहीं, थन्नामंडी से बफलियाज, कंडी कोटरंका और
मुगल रोड अब भी बंद हैं। इन क्षेत्रों में करीब चार से पांच फुट तक बर्फबारी हुई है।
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विभाग के जिला इंजीनियर इरशाद चौधरी ने बताया कि थन्नामंडी, दरहाल, बुद्दल, कंडी, कोटरंका, बकोरी में बिजली के ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। इस साल खंभे कम टूटे हैं, लेकिन ट्रांसफार्मर अधिक जले हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक करीब 20 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शुक्रवार तक यह आंकड़ा बढ़ सकता है। तारों को भी क्षति पहुंची है। नुकसान का सही अनुमान एक दो दिन में लगेगा। सभी क्षेत्रों के अधिकारियों को नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है। जिला उपायुक्त हेमंत कुमार शर्मा ने कहा कि बर्फ गिरने से काफी रास्ते बंद हो गए थे, यहां से बर्फ हटा ली गई है। बिजली की सप्लाई बहाल होते वक्त लगेगा। दरहाल, थन्नामंडी, बुद्दल और कंडी कोटरंका के कई गांव में बिजली नहीं पहुंच पा रही है। समोट के सरपंच खलील रेहमान का कहना है कि तीन दिन से बिजली बंद है। यहां तक कि विभाग के ग्रिड स्टेशन में ताला लगा हुआ है। कोई कर्मचारी तक नहीं है। दूसरी ओर, जानकारी के अनुसार बिजली विभाग के पास नए ट्रांसफार्मर नहीं हैं। ऐसे में पुराने ट्रांसफार्मर रिपेयर करके ही काम चलाना पड़ रहा है। अब तक ट्रांसफार्मर वर्कशाप में नहीं पहुंचाए गए हैं। वहीं, थन्नामंडी से बफलियाज, कंडी कोटरंका और
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मुगल रोड अब भी बंद हैं। इन क्षेत्रों में करीब चार से पांच फुट तक बर्फबारी हुई है।