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सेना की इंजीनियर रैजिमैंट ने करमाड़ा में जिंदा पड़ा चाईनिज मोर्टार शैल विस्फोट निषक्रिय किया
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पुंछ। सेना की इंजीनियर रेजिमेंट ने जिले के नियंत्रण रेखा से सटे करमाड़ा सेक्टर में ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के घरों के पास खेतों में पड़े पाकिस्तान की तरफ से दागे गए एक चीन निर्मित मोर्टार शेल को विस्फोट कर निष्क्रिय किया। इसके बाद इस क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। क्योंकि पाकिस्तानी मोर्टार से छेड़छाड़ से उसमें विस्फोट होने से बड़ा हादसा आने की आशंका बनी थी।
इसके चलते लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। न ही मवेशियों को चराने के लिए खोल पा रहे थे। हालांकि विस्फोट कर निष्क्रिय किए गए मोर्टार शेल के चीन निर्मित होने को लेकर उसे निष्क्रिय करने पहुंचे सेना के दस्ते ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जबकि ग्रामीणों का मानना है कि यह शैल चीन निर्मित हो सकता है। क्योंकि इससे पहले हमने ऐसा शेल कभी नहीं देखा। गांव में गिरने से जिस प्रकार का उससे धमाका हुआ उस प्रकार का धमाका क्षेत्र में पहले कभी नहीं सुनने को मिला था।
मंगलवार दोपहर जिले के करमाड़ा सेक्टर में तैनात गोरखा रैजिमेंट ने सेना की इंजीनियर रेजिमेंट के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी थी कि गांव करमाड़ा में खेतों में पाकिस्तानी सेना की तरफ से दो दिन पहले की गई गोलाबारी में एक मोर्टार शेल आधा जमीन के अंदर और आधा बाहर पड़ा है। इस पर इंजीनियर रेजिमेंट के अधिकारी और जवान करमाड़ा पहुंचे और शेल को विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया।
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गौरतलब है कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से लगातार की जाने वाली गोलाबारी में अकसर इस प्रकार कई पाकिस्तानी मोर्टार शेल फटते नहीं है और यहां वहां गांव के आसपास पड़े रह जाते हैं। इससे हर समय लोगों को अपने बाल बच्चों और माल मवेशियों की जान का खतरा बना रहता है। क्योंकि कई बार जरा सी छेड़छाड़ के बाद इस प्रकार के शेलों में विस्फोट हो जाने से कई पशु एवं बच्चों के घायल होने अथवा मारे जाने की घटनाएं पेश आती रही हैं।
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इसके चलते लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। न ही मवेशियों को चराने के लिए खोल पा रहे थे। हालांकि विस्फोट कर निष्क्रिय किए गए मोर्टार शेल के चीन निर्मित होने को लेकर उसे निष्क्रिय करने पहुंचे सेना के दस्ते ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जबकि ग्रामीणों का मानना है कि यह शैल चीन निर्मित हो सकता है। क्योंकि इससे पहले हमने ऐसा शेल कभी नहीं देखा। गांव में गिरने से जिस प्रकार का उससे धमाका हुआ उस प्रकार का धमाका क्षेत्र में पहले कभी नहीं सुनने को मिला था।
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मंगलवार दोपहर जिले के करमाड़ा सेक्टर में तैनात गोरखा रैजिमेंट ने सेना की इंजीनियर रेजिमेंट के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी थी कि गांव करमाड़ा में खेतों में पाकिस्तानी सेना की तरफ से दो दिन पहले की गई गोलाबारी में एक मोर्टार शेल आधा जमीन के अंदर और आधा बाहर पड़ा है। इस पर इंजीनियर रेजिमेंट के अधिकारी और जवान करमाड़ा पहुंचे और शेल को विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया।
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गौरतलब है कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से लगातार की जाने वाली गोलाबारी में अकसर इस प्रकार कई पाकिस्तानी मोर्टार शेल फटते नहीं है और यहां वहां गांव के आसपास पड़े रह जाते हैं। इससे हर समय लोगों को अपने बाल बच्चों और माल मवेशियों की जान का खतरा बना रहता है। क्योंकि कई बार जरा सी छेड़छाड़ के बाद इस प्रकार के शेलों में विस्फोट हो जाने से कई पशु एवं बच्चों के घायल होने अथवा मारे जाने की घटनाएं पेश आती रही हैं।