पुंछ। राज्य के अन्य भागों की हर तरह नगर में दरुबड़ी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति एवं बच्चों की लंबी आयु के लिए व्रत रखा। मीठे रोट बनाने के बाद पानी के पास सामूहिक तौर पर पूजन किया।
सबेरे से ही इस पर्व की धूम दिखाई देने लगी थी। महिलाएं व्रत रख कर मंदिरों में विशेष पूजा अर्चन के लिए आतीं जातीं दिखाई दी। दोपहर को नगर में करीब सभी घरों में महिलाओं के व्रत पूजन के लिए बनाए जा रहे मीठे रोटों की महक उठने लगी थी। शाम ढलने के साथ ही महिलाएं सजधज कर हाथों में पूजा के थाल जिनमें मीठे रोट, फल, खीरा, अखरोट आदि सजा कर आस पड़ोस में पूजन के लिए जा रही थी। जहां वह चार छह महिलाएं पानी की बाल्टी के आस पास एकत्र हो कर पूजा करने के साथ ही पति एवं बच्चों की लंबी आयु की कामना कर रही थी। इसके बाद उन्होंने व्रत खोला। गौरतलब है कि सनातन धर्म को मानने वाली पहाड़ी महिलाओं की तरफ से सदियों से भाद्र मास की राधा अष्टमी को दरुबड़ी के तौर पर मनाने की परंपरा है। इससे पूर्व में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं बावली के पास पूजन करती थी।