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पुंछ में मोहरम की मातमी मजलिसें शुरू,करबला के शहीदों को याद किया गया
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पुंछ। शिया समुदाय की तरफ से करबला के मैदान में इमाम हुसैन और उनके साथ शहीद होने वालों की याद में हर वर्ष मनाए जाने वाले मोहर्रम में मातमी मजलिसों की शुरुआत की गई। इसमें पहले दिन जिले के अन्य स्थानों के साथ ही नगर के वार्ड-4 स्थित इमाम बारगाह में बुधवार को पहली हुसैनी मजलिस का आयोजन किया गया।
इसमें बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोगों बुजुर्गो, युवाओं और बच्चों ने भाग लेते हुए करबला के शहीदों को याद करते हुए उनका मातम मनाया और करबला के दृश्यों को चित्रित करते हुए शहीदों के बलिदान की महिमा का बखान किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश से विशेष तौर पर बुलाए गए उलेमाओं ने इमाम हुसैन के बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने परिवार सहित 72 लोगों को करबला के मैदान में मानवता को बचाने और इसलाम को सलामत रखने के लिए जदीद के साथ जंग करते हुए बलिदान दिया था। मोहर्रम को लेकर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में अंजुमन ए जाफरिया के सदस्यों अनवर हुसैन वांटू, शफीक हुसैन बाबा, इफ्तिखार हुसैन बजमी ने बताया कि इस बार हमने कोरोना को देखते हुए मजलिसों के दौरान कोरोना से सुरक्षा के सभी उपायों को सख्ती से पालन करने का समुदाय के लोगाें से आग्रह किया है। जहां मजलिसों में लोग मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं।
वहीं सामाजिक दूरी को सुनिश्चित बनाने के लिए हमने इस बार इमाम बारगाह के मुख्य हाल के आगे एक अस्थायी शेड का निर्माण किया है, ताकि हाल में कम संख्या में लोगों को सामाजिक दूरी के साथ बैठाया जाए। इसके साथ ही हमने अस्थायी शेड में एलसीसी की व्यवस्था भी की है, ताकि हर कोई हल में जाने के बजाय शेड में एक दूसरे से दूरी बना कर बैठ कर हाल के अंदर होने वाले कार्यक्रम को सीधे तौर पर देख सकें।
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इसमें बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोगों बुजुर्गो, युवाओं और बच्चों ने भाग लेते हुए करबला के शहीदों को याद करते हुए उनका मातम मनाया और करबला के दृश्यों को चित्रित करते हुए शहीदों के बलिदान की महिमा का बखान किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश से विशेष तौर पर बुलाए गए उलेमाओं ने इमाम हुसैन के बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने परिवार सहित 72 लोगों को करबला के मैदान में मानवता को बचाने और इसलाम को सलामत रखने के लिए जदीद के साथ जंग करते हुए बलिदान दिया था। मोहर्रम को लेकर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में अंजुमन ए जाफरिया के सदस्यों अनवर हुसैन वांटू, शफीक हुसैन बाबा, इफ्तिखार हुसैन बजमी ने बताया कि इस बार हमने कोरोना को देखते हुए मजलिसों के दौरान कोरोना से सुरक्षा के सभी उपायों को सख्ती से पालन करने का समुदाय के लोगाें से आग्रह किया है। जहां मजलिसों में लोग मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं।
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वहीं सामाजिक दूरी को सुनिश्चित बनाने के लिए हमने इस बार इमाम बारगाह के मुख्य हाल के आगे एक अस्थायी शेड का निर्माण किया है, ताकि हाल में कम संख्या में लोगों को सामाजिक दूरी के साथ बैठाया जाए। इसके साथ ही हमने अस्थायी शेड में एलसीसी की व्यवस्था भी की है, ताकि हर कोई हल में जाने के बजाय शेड में एक दूसरे से दूरी बना कर बैठ कर हाल के अंदर होने वाले कार्यक्रम को सीधे तौर पर देख सकें।
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