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कोरोना महामारी ने जिले में पर्यटन पर लगाया ग्रहण,पर्यटन स्थलों पर विरानी छाने से सैंकड़ों की रोजी रोटी पर बन आई
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पुंछ में कोरोना महामारी के चलते विरान पडे पर्यटक स्थल
- फोटो : POONCH
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पुंछ। जिले में कई माह से जारी कोरोना महामारी ने पर्यटन पर ग्रहण लगा कर रखा है। इसके चलते जिले में अधिकतर पर्यटन स्थलों पर वीरानी छाए रहने से उन क्षेत्रों के आसपास काम करने वालों की रोजी-रोटी पर संकट छा गया है। हालांकि जिले में अब कोरोना संक्रमण के मामलों में भारी कमी आने के बाद पूरी तरह अनलॉकडाउन करते हुए सप्ताह में पांच दिन के लिए सभी प्रकार के व्यापारिक संस्थान एवं बाजार खुलने लगे हैं।
जिले में वीकेंड लॉकडाउन के जारी रहने के कारण पर्यटन स्थलों की तरफ पर्यटकों का रुख नहीं हो रहा है। इसके चलते जिले में स्थानीय एवं बाहरी लोगों के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल नूरी छंब, सुलतान पत्थरी, गली मैदान आदि में वीरानी छाई है। इस स्थलों के आसपास दुकानें चलाने वाले लोग जोकि कोरोना महामारी के पहले गर्मी शुरू होने के साथ ही अच्छी कमाई करने लगते थे। इस बार उनको एक रुपये की भी आमदनी नहीं हो रही है। इसके कारण इन लोगों में भारी निराशा है। इन लोगों का कहना है कि कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर हमारी तरह काम कर रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों को सरकार की तरफ से हजार दो हजार रुपये महीना सहायता प्रदान की जा रही है। पुंछ के पर्यटन स्थलों पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। क्योंकि जिले के पर्यटन स्थलों को आज तक कश्मीर के पर्यटन स्थलों जैसा महत्व नहीं दिया गया है।
इन लोगों का कहना है कि अब भी अगर वीकेंड लॉकडाउन समाप्त कर दिया जाए तो लोग इस गर्मी में नूरी छंब, सुलतान पत्थरी अथवा गली मैदान में आने लगें तो हमारी रोजी-रोटी का जुगाड़ हो जाएगा।
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गौरतलब है कि गर्मी शुरू होते ही जिले के पर्यटन स्थल गुलजार होने लगते थे। खास कर मुगलरोड के पास स्थित नूरी छंब और पीर की गली में स्थानीय पर्यटकों के साथ ही जम्मू, राजोरी एवं कश्मीर के पर्यटक शामिल होते थे। जहां लॉकडाउन की वजह से अधिकतर पर्यटक स्थलों पर किसी का भी आना जाना नहीं हो पा रहा है। इस बार मुगलरोड पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी होने की वजह से चाह कर भी कोई पीर की गली तक नहीं आ जा सकता है। उधर वीकेंड लॉकडाउन के कारण शुक्रवार शाम सात बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक सब कुछ बंद होने के कारण कोई भी पिकनिक मनाने अथवा तफरीह करने किसी भी पर्यटक स्थल पर नहीं जा पा रहा है।
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जिले में वीकेंड लॉकडाउन के जारी रहने के कारण पर्यटन स्थलों की तरफ पर्यटकों का रुख नहीं हो रहा है। इसके चलते जिले में स्थानीय एवं बाहरी लोगों के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल नूरी छंब, सुलतान पत्थरी, गली मैदान आदि में वीरानी छाई है। इस स्थलों के आसपास दुकानें चलाने वाले लोग जोकि कोरोना महामारी के पहले गर्मी शुरू होने के साथ ही अच्छी कमाई करने लगते थे। इस बार उनको एक रुपये की भी आमदनी नहीं हो रही है। इसके कारण इन लोगों में भारी निराशा है। इन लोगों का कहना है कि कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर हमारी तरह काम कर रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों को सरकार की तरफ से हजार दो हजार रुपये महीना सहायता प्रदान की जा रही है। पुंछ के पर्यटन स्थलों पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। क्योंकि जिले के पर्यटन स्थलों को आज तक कश्मीर के पर्यटन स्थलों जैसा महत्व नहीं दिया गया है।
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इन लोगों का कहना है कि अब भी अगर वीकेंड लॉकडाउन समाप्त कर दिया जाए तो लोग इस गर्मी में नूरी छंब, सुलतान पत्थरी अथवा गली मैदान में आने लगें तो हमारी रोजी-रोटी का जुगाड़ हो जाएगा।
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गौरतलब है कि गर्मी शुरू होते ही जिले के पर्यटन स्थल गुलजार होने लगते थे। खास कर मुगलरोड के पास स्थित नूरी छंब और पीर की गली में स्थानीय पर्यटकों के साथ ही जम्मू, राजोरी एवं कश्मीर के पर्यटक शामिल होते थे। जहां लॉकडाउन की वजह से अधिकतर पर्यटक स्थलों पर किसी का भी आना जाना नहीं हो पा रहा है। इस बार मुगलरोड पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी होने की वजह से चाह कर भी कोई पीर की गली तक नहीं आ जा सकता है। उधर वीकेंड लॉकडाउन के कारण शुक्रवार शाम सात बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक सब कुछ बंद होने के कारण कोई भी पिकनिक मनाने अथवा तफरीह करने किसी भी पर्यटक स्थल पर नहीं जा पा रहा है।