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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाला कार्यालय सील
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पुंछ। ग्राहकों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार हवेली अंजुम बशीर खठक के निर्देश पर नायब तहसीलदार मारूफ खान और अनमोल सिंह ने छापा मारकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लाने वाले कार्यालय को सील कर दिया। साथ ही नंबर प्लेट लगाने वाले का लाइसेंस रद्द करने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार दोपहर को नायब तहसीलदार हवेली पुंछ और नायब तहसीलदार खेनतर तहसीलदार पुंछ हवेली के निर्देश पर नगर के मोहल्ला काजीमोड़ा में पुराने एआरटीओ कार्यालय के पास एक दुकान में चल रहे गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने नंबर प्लेट लगवाने पहुंचे कई लोगों से बात कर जानकारी प्राप्त की कि उनसे नंबर प्लेट लगाने के बदले में पैसे तो नहीं लिए जा रहे। वहां मौजूद लोगों के साथ ही एक पुलिस कर्मी ने भी शिकायत की कि उससे नंबर प्लेट लगाने के पांच सौ रुपये लिए गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने सात सौ रुपये तक लेने की बात कही।
इस पर जब अधिकारियों ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले लाइसेंस धारक से पूछताछ की तो पहले उसने लोगों से पैसे लेने से इनकार कर दिया, लेकिन जब अधिकारियों ने उसे लोगों की शिकायतों की वीडियो रिकार्डिंग दिखाई, जिसमें वह कह रहे थे कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के बावजूद जब नंबर प्लेट लगवाने पहुंचे तो हमसे पांच से सात सौ रुपये वसूले गए। इस रिकार्डिंग को देखने के बाद आरोपी दलीलें देने लगा कि हमें दुकान का किराया निकालना है, और भी खर्च हैं। इस पर नायब तहसीलदार मौके पर ही जिस दुकान में नंबर प्लेट लगाने का कार्यालय चल रहा था, उसे सील कर दिया।
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इस बीच मौके पर तहसीलदार भी पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों ने उनका और तहसील प्रशासन का इस कार्रवाई की सराहना करने के साथ ही आभार प्रकट करते हुए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले इस आरोपी का लाइसेंस रद्द कर किसी ओर को देने की मांग की।
गौरतलब है कि देश भर की तरह यातायात पुलिस ने 15 जून के बाद से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहनों को मौके पर ही सीज कर थाने पहुंचाया जा रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करा रहे हैं। ऐसे में लोगों की मजबूरी को देखते हुए नंबर प्लेट लगाने वालों ने केवल वाहन पर प्लेट लगाने के बदले पांच से सात सौ रुपये लेकर मोटी कमाई करनी शुरू कर दी। इसके बाद लोगों द्वारा तहसीलदार के पास शिकायतें की गई। इसकी नायब तहसीलदार द्वारा वीडियो रिकार्डिंग करने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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सोमवार दोपहर को नायब तहसीलदार हवेली पुंछ और नायब तहसीलदार खेनतर तहसीलदार पुंछ हवेली के निर्देश पर नगर के मोहल्ला काजीमोड़ा में पुराने एआरटीओ कार्यालय के पास एक दुकान में चल रहे गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने नंबर प्लेट लगवाने पहुंचे कई लोगों से बात कर जानकारी प्राप्त की कि उनसे नंबर प्लेट लगाने के बदले में पैसे तो नहीं लिए जा रहे। वहां मौजूद लोगों के साथ ही एक पुलिस कर्मी ने भी शिकायत की कि उससे नंबर प्लेट लगाने के पांच सौ रुपये लिए गए हैं, जबकि कुछ लोगों ने सात सौ रुपये तक लेने की बात कही।
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इस पर जब अधिकारियों ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले लाइसेंस धारक से पूछताछ की तो पहले उसने लोगों से पैसे लेने से इनकार कर दिया, लेकिन जब अधिकारियों ने उसे लोगों की शिकायतों की वीडियो रिकार्डिंग दिखाई, जिसमें वह कह रहे थे कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन शुल्क जमा कराने के बावजूद जब नंबर प्लेट लगवाने पहुंचे तो हमसे पांच से सात सौ रुपये वसूले गए। इस रिकार्डिंग को देखने के बाद आरोपी दलीलें देने लगा कि हमें दुकान का किराया निकालना है, और भी खर्च हैं। इस पर नायब तहसीलदार मौके पर ही जिस दुकान में नंबर प्लेट लगाने का कार्यालय चल रहा था, उसे सील कर दिया।
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इस बीच मौके पर तहसीलदार भी पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों ने उनका और तहसील प्रशासन का इस कार्रवाई की सराहना करने के साथ ही आभार प्रकट करते हुए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाले इस आरोपी का लाइसेंस रद्द कर किसी ओर को देने की मांग की।
गौरतलब है कि देश भर की तरह यातायात पुलिस ने 15 जून के बाद से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहनों को मौके पर ही सीज कर थाने पहुंचाया जा रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करा रहे हैं। ऐसे में लोगों की मजबूरी को देखते हुए नंबर प्लेट लगाने वालों ने केवल वाहन पर प्लेट लगाने के बदले पांच से सात सौ रुपये लेकर मोटी कमाई करनी शुरू कर दी। इसके बाद लोगों द्वारा तहसीलदार के पास शिकायतें की गई। इसकी नायब तहसीलदार द्वारा वीडियो रिकार्डिंग करने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।