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मेंढर पुलिस ने चार महीनों के बाद सुलझाया 14वर्षिय बालक की हत्या का मामला,बहनोई को दबोचा

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बालक की हत्या के आरोप में गिरफतार बहनोई - फोटो : POONCH
पुंछ। मेंढर पुलिस ने चार माह बाद मेंढर के गांव गोल्द में हुई एक किशोर की हत्या का मामला सुलझाने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस मृतक के बहनोई को गिरफ्तार किया है।
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एसडीपीओ जहीर अब्बास जाफरी ने एसएचओ मंजूर अहमद कोहली एवं अन्य अधिकारियों के साथ शनिवार को थाने में प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने मेंढर के गांव गोल्द निवासी मोहम्मद शारिक पुत्र मोहम्मद सदीक की हत्या का मामला सुलझा लिया है। पुलिस ने जहां पहले उस मामले की धारा 174 में जांच की जा रही थी। अब उसमें 302 का मामला दर्ज लिया गया है, और मृतक के बहनोई मोहम्मद कासिम को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ ने बताया कि 8 जून को गांव गोल्द में शारिक नामक 14 वर्षीय किशोर का शव उसके घर के पास एक तालाब से बरामद हुआ था। इसके बाद बच्चे के आस पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों ने बिना पुलिस को सूचित किए उसे सुपुर्दे खाक कर दिया था। परंतु उसके कुछ दिन बाद बच्चे के माता-पिता को बच्चे की हत्या का शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस से जांच की गुहार लगाई। इस बीच गांव के लोगों ने बिरादरी के तौर पर पंचायत करते हुए मामले को हल करने का भी प्रयास किया, परंतु बच्चे के माता-पिता ने पुलिस के साथ ही जिला मजिस्ट्रेट को मौत के कारणों के जांच का आवेदन दिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर पिछले हफ्ते बच्चे के शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया गया। इस बीच हमने पुलिस की स्पेशल टीम का गठन कर जांच शुरू की। इसमें टेक्निकल टीम के साथ जांच शुरू की। तो पुलिस को हत्या किए जाने के सबूत मिलते गए और हमने बच्चे की हत्या के आरोप में मोहम्मद कासिम को गिरफ्तार किया। अभी जांच जारी है। इस मामले में और लोगों के गिरफ्तार होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
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हत्या में जो भी संलिप्त होगा उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। एसडीपीओ ने क्षेत्र के लोगों सेे आग्रह किया है कि वह इस प्रकार के किसी भी संदिग्ध मौत मामले में शव के अंतिम संस्कार की जल्दी न करें और न ही ऐसे में मामलों में बिरादरी पंचायतों के माध्यम से मामले निपटाने के प्रयास करें। क्योंकि शारिक हत्या के मामले में भी बिरादरी पंचायतें की जाती रही हैं। ऐसे मामलों के लिए ही सरकार ने पुलिस का गठन किया है। हत्या के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
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