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सेना ने नाबालिगों को तोहफे मिठाइयां दे पीओके लौटाया
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पुंछ। नियंत्रण रेखा पर कृष्णा घाटी ब्रिगेड के अधीनस्थ गुलपुर सेक्टर में भारतीय क्षेत्र में घुस आए तीन नाबालिगों को शुक्रवार तोहफे और मिठाइयां देकर पीओजेके लौटा दिया। सेना की गोरखा रेजिमेंट ने तीन दिन पहले दो सगे भाइयों सहित तीन नाबालिग लड़कों को पकड़ा था। इन नाबालिगों में पीओके निवासी धनयाल मलिक (17) पुत्र मोहम्मद न्याज अली निवासी गांव लस्सीमंग छातरा जिला फरवर्ड कोहटा, अरबाज रहीम (13) पुत्र अब्दुल रहीम और उमर रहीम (9) पुत्र अब्दुल रहीम निवासी गांव त्रोटी छात्रा जिला फारवर्ड कोहटा शामिल हैं।
शुक्रवार शाम करीब 4.20 बजे सेना की गोरखा रेजिमेंट के मेजर अमित और नायब तहसीलदार मोहम्मद रशीद चौहान की अगुवाई में तीनों बच्चों को लेकर चक्कां दा बाग पहुंचे। सेना के जवानों ने पाकिस्तानी सेना की 41 बलोच रेजिमेंट के मेजर वाहिद और मेजर सज्जाद की अगुवाई में बच्चों को पाकिस्तानी सेना के माध्यम से उनके परिजनों के हवाले किया। इससे पहले दोपहर को सेना के गुलपुर स्थित मुख्यालय में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से गलती से इस पार आ गए तीन बच्चों जिनमें दो सगे भाई थे, उनकी विदाई के लिए एक कार्यक्रम किया गया। इसमें कृष्णा घाटी ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर राकेश नायर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और उन बच्चों से मुलाकात कर उनको नए कपड़े, तोहफे और मिठाइयां प्रदान कीं। इस दौरान ब्रिगेड कमांडर ने बच्चों को भारतीय क्षेत्र से सेना के जवानों द्वारा पकडे़ जाने पर बताया कि बुधवार को जवानों ने गुलपुर सेक्टर में भारतीय क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद तीन लोगों को देखा। जब उन्हें करीब से देखा गया तो वहां यह नाबालिग मौजूद थे। जवान उन्हें अपनी चौकी पर लाए और आज तक उनकी देखभाल की।
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शुक्रवार शाम करीब 4.20 बजे सेना की गोरखा रेजिमेंट के मेजर अमित और नायब तहसीलदार मोहम्मद रशीद चौहान की अगुवाई में तीनों बच्चों को लेकर चक्कां दा बाग पहुंचे। सेना के जवानों ने पाकिस्तानी सेना की 41 बलोच रेजिमेंट के मेजर वाहिद और मेजर सज्जाद की अगुवाई में बच्चों को पाकिस्तानी सेना के माध्यम से उनके परिजनों के हवाले किया। इससे पहले दोपहर को सेना के गुलपुर स्थित मुख्यालय में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से गलती से इस पार आ गए तीन बच्चों जिनमें दो सगे भाई थे, उनकी विदाई के लिए एक कार्यक्रम किया गया। इसमें कृष्णा घाटी ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर राकेश नायर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए और उन बच्चों से मुलाकात कर उनको नए कपड़े, तोहफे और मिठाइयां प्रदान कीं। इस दौरान ब्रिगेड कमांडर ने बच्चों को भारतीय क्षेत्र से सेना के जवानों द्वारा पकडे़ जाने पर बताया कि बुधवार को जवानों ने गुलपुर सेक्टर में भारतीय क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद तीन लोगों को देखा। जब उन्हें करीब से देखा गया तो वहां यह नाबालिग मौजूद थे। जवान उन्हें अपनी चौकी पर लाए और आज तक उनकी देखभाल की।
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