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दर्दनाक: नमाज करके घर लौटे ही थे कि तबाही आ गई, हेलिकॉप्टर से पहुंचाया किश्तवाड़ अस्पताल
Fri, 30 Jul 2021 11:22 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 30 Jul 2021 11:22 PM IST
सार
वसीन ने कहा, सैलाब में वह भी बह गया, लेकिन किसी चीज से अटकने से बच गया। बादल फटने की घटना में घायल दो लोगों को हेलिकॉप्टर से किश्तवाड़ अस्पताल पहुंचाया।
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किश्तवाड़ में बादल फटने से बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीएचसी दच्छन से शुक्रवार को दो और गंभीर घायलों को वायु सेना के हेलिकॉप्टर से जिला किश्तवाड़ अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 40 वर्षीय शरीफा बेगम और 18 वर्षीय वसीम अकरम शामिल हैं। वसीम अकरम ने दर्द बयां करते हुए कहा कि उसने अभी 12वीं पास की है। घटना से पहले वह नमाज अदा करके घर पहुंचे थे कि अचानक तबाही आ गई। सैलाब में वह भी बह गया, लेकिन नीचे जाकर एक तरफ किसी चीज से अटक गया। बाद में गांव के लोगों ने उसे बचाया।
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शरीफा बेगम को मलबे के काफी नीचे से निकाला
शरीफा बेगम की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। उसने कहा कि घटना के समय हम किसी और के मकान में बैठे थे। पहले पानी का झटका सा आया। इससे पहले हम संभलते तभी दूसरे जोरदार बहाव में बह गए। उसके बाद कुछ भी नहीं पता। लोगों ने हमें काफी नीचे मलबे से निकाला। घटना में उनका बेटा असरार अहमद भी घायल हुआ है। असरार ने कहा कि घटना के वक्त वह मां के साथ ही थे, पहले झटके में हम बच गए परंतु दूसरे झटके में बह गए।
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पानी के तेज बहाव ने उसे खेतों में फेंक दिया, जिसके चलते वह नीचे नहीं बहा। मामूली घायल होने के बावजूद वह अपनी मां को तलाशता रहा और लोगों की सहायता से मलबे के काफी नीचे से निकाला। उन्होंने कहा कि उनका पुराना मकान और पशु भी बह गए। दादा और भाई ऊपर वाले घर में थे तो वह बच गए। उनके कई रिश्तेदार अभी भी लापता हैं। जिसमें उनकी मामी, बुआ और उनके बेटे शामिल हैं।