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उमर ने साधा मोदी पर निशाना
अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 26 Nov 2013 04:06 AM IST
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भाजपा के पीएम इन वेटिँग नरेंद्र मोदी अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भी निशाने पर हैं। उमर ने कहा है कि एक दिसंबर को जम्मू में मोदी की रैली के दौरान भाजपा पुराना राग ही अलापेगी।
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सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा जम्मू में और पीडीपी कश्मीर में विश्वास का माहौल खत्म करने की कोशिश कर रहीं हैं। उन्होंने अवाम से मौकापरस्त ताकतों से सावधान रहने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि सियासी स्वार्थ के लिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों को नेशनल कान्फ्रेंस और कांग्रेस मिलकर नाकामयाब करेगी।
सोमवार को भाजपा के गढ़ नगरोटा विधानसभा क्षेत्र में तवी नदी पर संगड़ पुल शिलान्यास करने के बाद चलाना गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए उमर ने पीडीपी को भी जमकर कोसा।
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उन्होंने कहा कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी जम्मू, कश्मीर और दिल्ली में अलग-अलग धुनों पर नृत्य करती है। मोदी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि भाजपा रैली में अपना पुराना पिटारा खोलेगी। अनुच्छेद 370 को हटाने, जम्मू और कश्मीर के बीच भेदभाव के अलावा अन्य भावनात्मक मुद्दे उठाएगी।
भाजपा ने हमेशा वोट बैंक के लिए हिंदुओं और मुसलिमों में खाई पैदा करने की कोशिश की है। किश्तवाड़ दंगे की आग जम्मू संभाग में फैलाने को भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। यह खेल तब चलता है जब भाजपा सत्ता से बाहर होती है। सत्ता में रहते हुए भाजपा अनुच्छेद 370 भूल जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी उम्र अभी 42 साल है, लेकिन, पीडीपी साठ साल पुराने मुद्दों के लिए उनको जिम्मेदार ठहराती है। तवी नदी में जल स्तर बढ़ने, किसी क्षेत्र में सूखे की स्थिति, कोई जब मेडिकल सीटें बेचता है अथवा कोई सियासी समस्या पैदा होती है तो भी पीडीपी का सीधा हमला उमर अब्दुल्ला पर होता है। क्योंकि पीडीपी के रास्ते में उमर अब्दुल्ला एक बड़ा रोड़ा है जो अवाम को गुमराह नहीं होने देता।
उमर ने कहा कि नेकां और कांग्रेस ने 2008 के विधानसभा चुनाव में सांप्रदायिक तनाव का नुकसान उठाया, लेकिन, दोनों दलों ने सियासी स्वार्थ के मुकाबले अमन और भाईचारे को तरजीह दी।