वाजपेयी जी के सपने इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत को आगे ले जाना है: मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का उनके प्रति अटूट श्रद्धा रही है। उन्होंने इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत के बल पर रियासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सपना देखा था। अब अटल जी के सपनों में उन्होंने सबका साथ और सबका विकास का रंग भर दिया है।
सबको साथ लेकर उनके सपनों को पूरा करना है। वे मंगलवार को कटड़ा में माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का लोकार्पण तथा श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद आयोजित समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का भाग्य बदलने के लिए केंद्र सरकार पूरी ताकत के साथ यहां की नई सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है। विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। रियासत में इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन के विकास की दिशा में काम किया जाएगा। रेल तथा रोड का बेहतर नेटवर्क तैयार होगा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा सकता है।
रियासत के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हों, यह केंद्र और राज्य सरकार दोनों का प्रयास होना चाहिए। पिछले दिनों 80 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया ताकि यहां विकास की गति तेज हो सके। इस राशि को रियासत की जिंदगी बदलने के लिए लगाना है।
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मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान तेजी से विकास करे और देशवासियों के सपने साकार हों, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। संतुलित और तेज गति से विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। विकास से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है।
सामान्य मानव के जीवन में सुधार आए, ऐसी व्यवस्था चाहिए। कहा कि नई सरकार बनने के बाद वे रियासत में पहली बार आए हैं। यह जम्मू-कश्मीर में नया उमंग भरने वाला अवसर है।
उन्होंने युवाओं में खेल भावना जगाते हुए कहा कि यदि खेल नहीं होगा तो जीवन में खिलना असंभव है। जो खेलता है वही खिलता है। खेल के मैदान से जो स्पोर्ट्समैन स्पिरिट शब्द निकला है उसके हर क्षेत्र में गहरे मायने हैं।
इससे केवल खेल का ही विकास नहीं होता है बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में इस भावना के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। वर्ष 2017 में फीफा अंडर-17 भारत में होने जा रहा है। यह भारत की युवा शक्ति में नई ताकत भरने वाला अवसर बनना चाहिए। हालांकि, फुटबाल में हम काफी पीछे हैं, लेकिन दुनिया हिंदुस्तान की युवा शक्ति को महसूस करे ऐसा माहौल बनना चाहिए।
इसमें कटड़ा के स्पोर्ट्स कांप्लेक्स की भी भूमिका होनी चाहिए। इस अवसर पर राज्यपाल एनएन वोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल कुमार सिंह, नारायणा अस्पताल के डा. देवी सेट्ठी और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ अजीत कुमार साहू भी उपस्थित थे।
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मंगलवार को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी कटड़ा के पांचवें दीक्षांत समारोह में पहुंचे प्रधानमंत्री ने युवाओं को विकट परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सबसे बड़े संपत्ति संतोष की होती है। युवा भविष्य की ओर कदम रखने पर अपने साथ दूसरों के लिए भी योगदान दें। ज्ञान और ऊर्जा को साथ लेकर काम करें। हौसला बुलंद होना चाहिए, रास्ते खुद निकल आते हैं।
श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में उन सभी श्रद्धालुओं का योगदान है जो माता वैष्णो देवी के चरणों में चढ़ावा दे रहे हैं। यहां से निकलने के बाद जब विद्यार्थियों को समझाने वाला कोई नहीं होता असल में उनकी जिंदगी की कसौटी तभी से शुरू होती है। युवा कुंठा, असफलता और सपनों में आई रुकावटों को छोड़कर आगे बढ़ें। संतोष से बड़ी कोई ताकत नहीं है।
बच्चे किसी भी पड़ाव पर पहुंचकर अपने मां बाप के योगदान को न भूलें। देशभर के विद्यार्थियों को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण कर मां के चरणों से पुण्य कमाने का मौका मिला है। इस दौरान मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देशभर से रियासत में आने वाले विद्यार्थी हमारे लिए अतिथि देवभव हैं। वह यहां अपने घर की तरह रहकर पढ़ाई करें।
इससे संस्कृति के साथ धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी ने थोड़े से समय में कई बुलंदियों को छूने का काम किया है। यूनिवर्सिटी को विकसित करने के लिए सभी तरह के मंत्रालयों का पूरा योगदान मिला है। यूनिवर्सिटी में देशभर के 28 राज्यों में से कुल विद्यार्थियों में 41 फीसदी दूसरे राज्यों के हैं।