{"_id":"85da54813855e1c6389be04833f99160","slug":"kishtwar-closed-down","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्मस्थल में तोड़फोड़ के विरोध में किश्तवाड़ बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मस्थल में तोड़फोड़ के विरोध में किश्तवाड़ बंद
आकाशदीप/अमर उजाला, किश्तवाड़
Updated Fri, 20 Dec 2013 02:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ के विरोध में गुरूवार को किश्तवाड़ बंद का व्यापक असर रहा। बंद से जनजीवन पर गहरा असर पड़ा। एक समुदाय के लोगों ने अपने सभी प्रतिष्ठान बंद रखे।
विज्ञापन
बंद के दौरान किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। आयोजन के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए थे। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव है। मडवा क्षेत्र के चैजर गांव में एक धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ किए जाने के बाद वहां आठ पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
मंगलवार शाम को कुछ शरारती तत्व चैजर गांव के हिंदुओं के एक धार्मिक स्थल में ताला तोड़कर घुस गए और उसमें तोड़-फोड़ की। वहां रखी सारी सामग्री इधर-उधर फेंक दी।
विज्ञापन
बाद में धर्मस्थल के रखवाले को आता देख शरारती तत्व भाग निकले। ग्रामीणों ने रात को ही इस घटना की जानकारी नवपाची थाना पुलिस को दी। सेना की स्थानीय बटालियन को भी इसकी सूचना दी गई। घटना के दूसरे दिन एसपी संजय कोतवाल हेलीकाप्टर से मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि इस प्रकार की वारदात करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों ने गांव में पुलिस चौकी स्थापित करने समेत सुरक्षा संबंधी मांगें एसपी के सामने रखीं।
एसपी के अनुसार लोगों की मांग पर वहां अतिरिक्त पुलिस बल के अलावा एक डीएसपी स्तर के अधिकारी को घटनास्थल पर तैनात किया गया है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बकौल एसपी मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि चैजर गांव में स्थिति सामान्य है।
सनातन धर्मसभा किश्तवाड़ के संयोजक हंसराज का कहना है कि शांतिपूर्ण बंद का आयोजन किया गया था। अगर दोषियों को जल्द पकड़ा नहीं गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों तथा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समुदाय के लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है।