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श्रावण मास में भंडारे का आयोजन
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जखोल स्थित प्राकृतिक गुफा मंदिर में विराजमान शिवलिंग का दर्शन करने के लिए कतार में खड़े श्रृद्ध?
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। जखोल स्थित प्राचीन महानाल शिव गुफा में वार्षिक भंडारे का आयोजन हुआ। श्रावण माह के अंतिम सोमवार को होने वाले इस भंडारे में आसपास की पंचायतों से आए हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
वार्षिक रूप से होने वाले इस आयोजन के चलते मंदिर में सुबह से ही भक्तों की काफी भीड़ देखी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कतार में लग कर गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग का जलाभिषेक कर भगवान भोले नाथ से अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में दिन भर लगने वाले बाबा के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा। यहां दर्शन करने के उपरांत लोगों ने परिवार के साथ भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के आयोजन से जुड़े मंदिर कमेटी के सदस्य व हमीरपुर के पूर्व सरपंच भारत भूषण ने बताया कि लगभग तीन दशक से मंदिर में श्रावण के अंतिम सोमवार को इस विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसमें आसपास के अलावा जिले के कई अन्य स्थानों से काफी श्रद्धालु शामिल होकर भोले बाबा का आशीष प्राप्त करते हैं। मंदिर कमेटी ने हर साल की परंपरा के अनुसार पहले हवन किया, और भोले भंडारी के नाम का भंडारा खोला गया। इसमें आसपास के लोगों ने भी काफी सहयोग किया है।
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वार्षिक रूप से होने वाले इस आयोजन के चलते मंदिर में सुबह से ही भक्तों की काफी भीड़ देखी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कतार में लग कर गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग का जलाभिषेक कर भगवान भोले नाथ से अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में दिन भर लगने वाले बाबा के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा। यहां दर्शन करने के उपरांत लोगों ने परिवार के साथ भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
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भंडारे के आयोजन से जुड़े मंदिर कमेटी के सदस्य व हमीरपुर के पूर्व सरपंच भारत भूषण ने बताया कि लगभग तीन दशक से मंदिर में श्रावण के अंतिम सोमवार को इस विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसमें आसपास के अलावा जिले के कई अन्य स्थानों से काफी श्रद्धालु शामिल होकर भोले बाबा का आशीष प्राप्त करते हैं। मंदिर कमेटी ने हर साल की परंपरा के अनुसार पहले हवन किया, और भोले भंडारी के नाम का भंडारा खोला गया। इसमें आसपास के लोगों ने भी काफी सहयोग किया है।
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