कठुआ। शहर के रेलवे रोड स्थित एफसीआई गोदाम का प्रबंधन निजी हाथों में देकर वहां काम करने वाले मजदूरों को जम्मू स्थानांतरित किए जाने का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को एफसीआई श्रमिक यूनियन के बैनर तले श्रमिकों ने एफसीआई प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए जम्मू न जाने का ऐलान कर दिया।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे एफसीआई श्रमिक यूनियन कठुआ प्रधान तिलक राज ने कहा कि पिछले तीस सालों से कठुआ स्टोर पर अपनी सेवाएं देने वाले मजदूरों को अचानक एक आदेश के द्वारा जिस तरह से स्थानांतरित किया जा रहा है, वह पूरी तरह से असंवैधानिक है। क्योंकि इस आदेश के द्वारा यहां काम करने वाले 21 मजदूरों के परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि गोदाम में काम करने वाले कुछ मजदूरों की सेवाएं अप्रैल माह में और कुछ की अगस्त माह में समाप्त हो रही है। इन कर्मचारियों को दो से पांच माह के लिए स्थानांतरित किया जाना किसी सजा से कम नही है। प्रदर्शन में शामिल मजदूर नेता जगदीश चंद्र ने कहा कि समझ में नही आ रहा है कि बिना किसी पूर्व सूचना के सोमवार को जारी आदेश के बाद अगली सुबह जम्मू में रिर्पोट करने का आदेश इतनी अफरा तफरी में क्यों आया है। जबकि यहां गोदाम में काम करने वाले मजदूर पूरी ईमानदारी से पिछले तीस सालों से काम करते आ रहे है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब सब कुछ बंद था तो सरकार के आदेश के बाद लोगों को राशन पहुंचाने के लिए उन्होंने कड़ी मश्क्कत कर अपनी जिम्मेदारी निभाई। लेकिन उन्हें पुरस्कृत करने के बजाए प्रताड़ित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने गोदाम का प्रबंधन ठेके पर दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि भले ही एफसीआई के अधिकारियों द्वारा जारी नोटिस को गोदाम के मुख्य गेट पर लगाकर अन्य कर्मचारी यहां से चले गए हैं लेकिन यहां काम करने वाले सभी 21 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी प्रतिदिन यहां आएंगे और यही बैठकर अपने हक के लिए आवाज तब तक बुलंद करेंगे। जब तक उनकी मांग को पूरा नही किया जाता है। इस मौके पर काकू राम, मदन लाल, शाहदीन, फारुख अहमद आदि मजदूर उपस्थित रहे।