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रावी-तवी कनाल में पानी की आपूर्ति फिर शुरू, फसलों की बुझेगी प्यास

Wed, 17 Feb 2016 12:59 AM IST
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:59 AM IST
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water supply again Ravi-Taavi canal

बारह घंटे की मैराथन मशक्कत के बाद मंगलवार की शाम करीब छह बजे से रावी-तवी नहर में पानी का प्रवाह शुरू कर दिया गया। पंजाब की ओर से रंजीत सागर बांध से पानी नहीं छोड़ने के बाद से नहर का हलक सूख गया था।

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इससे लखनपुर से विजयपुर तक फसलों की सिंचाई पर संकट खड़ा हो गया था, लेकिन अब रावी दरिया में एक किलोमीटर का सप्लाई चैनल बनाकर पंपिंग स्टेशन तक पानी लाया गया है। देर शाम को दरिया से इस पानी को लिफ्ट कर नहर छोड़ना शुरू कर दिया गया था।
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32 हजार कृषि सिंच्य भूमि के लिए जरूरी पानी का बहाव कम होने के चलते रावी तवी इरिगेशन कनाल में विभाग ने क्लोजर घोषित कर दिया था, जिससे एक बड़े इलाके में खेती सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद अब वैकल्पिक इंतजाम शुरू हो गए हैं।
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मंगलवार की सुबह ही रावी तवी इरिगेशन कनाल (आरटीआईसी) की टीम ने पानी के बहाव को जम्मू-कश्मीर की ओर करने का काम शुरू कर दिया। आरटीआईसी के सहायक कार्यकारी अभियंता राजीव शर्मा ने बताया कि रावी दरिया से नहर में पानी की सप्लाई करने के लिए चौबीस घंटे का समय मांगा गया था।

दरिया में पानी बहुत कम मात्रा में था और छितराया हुआ था। एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर बह रहे इस पानी को पंपिंग स्टेशन तक लाने के लिए विभाग ने सप्लाई चैनल बनाने का काम सुबह से शुरू कर दिया था।


यह इसलिए किया गया ताकि पानी के बहाव को पंपिग स्टेशन के पाइपों तक पहुंचाया जा सके। आरटीआईसी के कार्यकारी अभियंता मदन लाल ने बताया कि वर्तमान में काफी कम पानी पंपिग स्टेशन तक पहुंच रहा है। इसके चलते मात्र कुछ घंटे तक ही पानी को पंपिग कर उसे नहर में डाला जा सकता था।

किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए आरटीआईसी ने बारिश न होने तक वैकल्पिक इंतजाम के जरिए नहर में पानी डालने की योजना तैयार की है।

इसके लिए रावी खड्ड में एक किलोमीटर से भी अधिक दूरी से जेसीबी से अस्थायी सप्लाई चैनल बनाने का फैसला लिया गया ताकि कुछ हद तक समस्या कम हो सके।

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