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कूहल की सफाई करवाए जाने की उठाई मांग
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कठुआ। कई सालों से सिंचाई के लिए बनी कूहल की सफाई न होने पर मुट्ठी जगीर वासियों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ रोष जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंचाई के लिए बनी कूहल में पानी न आने से यह लोगों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी को इकट्ठा करने का स्रोत बन कर रह गई है। इसका किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
गांव की नायब सरपंच सुषमा देवी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की रोजी-रोटी का साधन खेती है। लेकिन, क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने के लिए न तो प्रशासन गंभीर है, और न ही संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दे रहे हैं। हालत यह है कि पंचायत के किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए बनाई गई कूहल सफाई न होने के कारण चार सालों से सूखी पड़ी है। इसका किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसमें घरों से निकलने वाला गंदा पानी और कचरा फेंका जा रहा है। यह गांव में गंदगी का कारण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि कूहल की सफाई कराए जाने की दर्जनों बार मांग भी की गई है, लेकिन सिंचाई विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। जिसके चलते किसानों को अपनी फसल की सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाले पंपसेटों पर आश्रित होना पड़ रहा है। इसे बिजली की समस्या उत्पन्न होती है। अगर, कूहल में पानी हो तो काफी हद तक इस समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने सफाई न होने से बंद पड़ी कूहल को चालू कराए जाने की मांग की है।
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गांव की नायब सरपंच सुषमा देवी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की रोजी-रोटी का साधन खेती है। लेकिन, क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा देने के लिए न तो प्रशासन गंभीर है, और न ही संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दे रहे हैं। हालत यह है कि पंचायत के किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए बनाई गई कूहल सफाई न होने के कारण चार सालों से सूखी पड़ी है। इसका किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसमें घरों से निकलने वाला गंदा पानी और कचरा फेंका जा रहा है। यह गांव में गंदगी का कारण बन रहा है।
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उन्होंने कहा कि कूहल की सफाई कराए जाने की दर्जनों बार मांग भी की गई है, लेकिन सिंचाई विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। जिसके चलते किसानों को अपनी फसल की सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाले पंपसेटों पर आश्रित होना पड़ रहा है। इसे बिजली की समस्या उत्पन्न होती है। अगर, कूहल में पानी हो तो काफी हद तक इस समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने सफाई न होने से बंद पड़ी कूहल को चालू कराए जाने की मांग की है।
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