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Kathua News: तीन दिन में उपजिला अस्पताल बनी में दो स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती
Fri, 29 Aug 2025 12:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:11 AM IST
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कठुआ। प्रसव मामले में महिला व उसके नवजात शिशु की मौत के मामले को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद स्वास्थ्य विभाग उपमंडल बनी में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने में सक्रिय हो गए है। तीन दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने उपजिला अस्पताल बनी में दो स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की गई है। जिससे स्थानीय लोगों बेहतर इलाज पाने में सुविधा मिलेगी।
वीरवार को निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू ने चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशक अहमद वानी (एमएस सर्जरी) को बनी अस्पताल में तैनात कर दिया है। डॉ. अशक को जिला अस्पताल रामबन से जहां भेजा गया है। वहीं, बीते मंगलवार 26 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग ने स्त्री विशेषज्ञ की तैनाती की गई है। अमर उजाला लंबे समय से उपजिला अस्पताल बनी में खाली पड़े चार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती के मु्द्दे को प्रमुखता से उठाता आ रहा है। पहाड़ी उपमंडल का 60 हजार की आबादी के लिए उपलब्ध एक मात्र अस्पताल लंबे समय से मेडिकल ऑफिसर के सहारे चल रहा था। इसके चलते आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत जीएमसी कठुआ या जम्मू रेफर कर दिया जाता रहा है। कई बार मरीजों को समय पर उपचार न मिलने से रास्ते में या रेफरल अस्पताल में पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देते थे।
एक सप्ताह के भीतर बनी अस्पताल में दो प्रसव के दो मामले सामने आए। जिसने केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रखा दिया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की स्वास्थ्य सुविधाओं की भी पोल खोल दी थी। जिसमें एक महिला के नवजात शिशु की जन्म के दौरान ही बनी अस्पताल में ही मौत हो जाती है। वहीं, महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे जीएमसी कठुआ रेफर किया जाता है। बारिश से बंद सड़के और कई घंटे एंबुलेंस का बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे रहने से देरी से पहुंची महिला के दो दिन बाद जीएमसी जम्मू 24 अगस्त को उपचार के दौरान मौत हो जाती है। वहीं, एक अन्य महिला को बनी-बसोहली मार्ग भूस्खलन से बंद होने के चलते कंबल पर लिटाकर दिन भर की मशक्कत के बाद जीएमसी कठुआ पहुंचाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बनी अस्पताल में बच्चों के डॉक्टर की तैनाती हो जाती है तो इससे स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार पाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
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वीरवार को निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू ने चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशक अहमद वानी (एमएस सर्जरी) को बनी अस्पताल में तैनात कर दिया है। डॉ. अशक को जिला अस्पताल रामबन से जहां भेजा गया है। वहीं, बीते मंगलवार 26 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग ने स्त्री विशेषज्ञ की तैनाती की गई है। अमर उजाला लंबे समय से उपजिला अस्पताल बनी में खाली पड़े चार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती के मु्द्दे को प्रमुखता से उठाता आ रहा है। पहाड़ी उपमंडल का 60 हजार की आबादी के लिए उपलब्ध एक मात्र अस्पताल लंबे समय से मेडिकल ऑफिसर के सहारे चल रहा था। इसके चलते आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत जीएमसी कठुआ या जम्मू रेफर कर दिया जाता रहा है। कई बार मरीजों को समय पर उपचार न मिलने से रास्ते में या रेफरल अस्पताल में पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ देते थे।
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एक सप्ताह के भीतर बनी अस्पताल में दो प्रसव के दो मामले सामने आए। जिसने केवल स्थानीय लोगों को झकझोर कर रखा दिया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की स्वास्थ्य सुविधाओं की भी पोल खोल दी थी। जिसमें एक महिला के नवजात शिशु की जन्म के दौरान ही बनी अस्पताल में ही मौत हो जाती है। वहीं, महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे जीएमसी कठुआ रेफर किया जाता है। बारिश से बंद सड़के और कई घंटे एंबुलेंस का बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे रहने से देरी से पहुंची महिला के दो दिन बाद जीएमसी जम्मू 24 अगस्त को उपचार के दौरान मौत हो जाती है। वहीं, एक अन्य महिला को बनी-बसोहली मार्ग भूस्खलन से बंद होने के चलते कंबल पर लिटाकर दिन भर की मशक्कत के बाद जीएमसी कठुआ पहुंचाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बनी अस्पताल में बच्चों के डॉक्टर की तैनाती हो जाती है तो इससे स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार पाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
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