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Kathua News: हरिया चक पीएचसी में एमबीबीएस डॉक्टर के दो पद आठ साल से खाली
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प्राइमरी हेल्थ सेंटर हरिया चक की तस्वीर। - संवाद।
- अस्थाई कर्मचारियों पर निर्भर है स्वाथ्य केंद्र, आज भी लोगों को नगरी या कठुआ या फिर जम्मू जाना पड़ रहा
अरुण खजूरिया।
हीरानगर। प्रदेश में सरकार बनने के बाद लोगों में उम्मीदें बढ़ी हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार की उम्मीद को लेकर लोगों ने हरिया चक क्षेत्र स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में करीब आठ वर्षों से खाली पड़े एमबीबीएस डॉक्टर के पदों को भरने की मांग तेज कर दी है।
कई सीमावर्ती गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी इसी स्वास्थ्य केंद्र पर है, लेकिन यह अस्थाई कर्मचारियों के बलबूते चल रहा है। डॉक्टरों की कमी के चलते क्षेत्र के लोगों को आज भी या तो नजदीक पड़ते नगरी या कठुआ या फिर जम्मू जाना पड़ता है। क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद लोगों को निजी स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर कई सीमावर्ती गांव के लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। खासतौर पर जो लोग निजी अस्पतालों में अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने में असमर्थ हैं। प्रदेश की मौजूद सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए।
केवल नाम का प्राइमरी हेल्थ सेंटर
क्षेत्र में कहने को तो प्राइमरी हेल्थ सेंटर बना हुआ है लेकिन आज भी लोगों को यहां वे सुविधा नहीं मिलती है जो मिलनी चाहिए। एमबीबीएस डॉक्टर के पद पिछले आठ से अधिक सालों से खाली पड़े हैं। किसी ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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- प्रवीण शर्मा, स्थानीय निवासी
लोगों का स्वास्थ्य अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भर
प्राइमरी हेल्थ सेंटर पिछले कई वर्षों से बिना एमबीबीएस डॉक्टर के चल रहा है। लोगों का स्वास्थ्य अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भर है। इसमें कोई दो राय नहीं जो कर्मचारी यहां काम कर रहे हैं वह अपने स्तर पर बेहतर कर रहे हैं लेकिन अगर एमबीबीएस डॉक्टर के पद भरे जाएं तो बड़ी सुविधा मिलेगी।
- सुमन लता, पूर्व सरपंच
-- -- -- -- -कोट -- -- -- -- -- -- -- -- -
इस मसले को लेकर व्यक्तिगत तौर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से बात की है। यह विषय प्रदेश में डॉक्टरों की भर्ती से जुड़ा है जिस पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त तौर पर एक प्रक्रिया शुरू करेंगे ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो सके। क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर सीमावर्ती गांव इन स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर हैं।
-- विजय शर्मा, विधायक।
-- -- -- -- कोट-- -- -- -- -- -- -- -- -
मैं पिछले पांच वर्षों से यहां तैनात हूं। जब से कार्यभार संभाला है तबसे ही इस प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डॉक्टर के पद खाली हैं। दो एमबीबीएस डॉक्टर के पद हैं जो खाली हैं। फिर भी विभाग की ओर से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला पहले से ही लाया गया है।
डॉ. स्वामी शरण, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
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अरुण खजूरिया।
हीरानगर। प्रदेश में सरकार बनने के बाद लोगों में उम्मीदें बढ़ी हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार की उम्मीद को लेकर लोगों ने हरिया चक क्षेत्र स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में करीब आठ वर्षों से खाली पड़े एमबीबीएस डॉक्टर के पदों को भरने की मांग तेज कर दी है।
कई सीमावर्ती गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी इसी स्वास्थ्य केंद्र पर है, लेकिन यह अस्थाई कर्मचारियों के बलबूते चल रहा है। डॉक्टरों की कमी के चलते क्षेत्र के लोगों को आज भी या तो नजदीक पड़ते नगरी या कठुआ या फिर जम्मू जाना पड़ता है। क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद लोगों को निजी स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर कई सीमावर्ती गांव के लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। खासतौर पर जो लोग निजी अस्पतालों में अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने में असमर्थ हैं। प्रदेश की मौजूद सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए।
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केवल नाम का प्राइमरी हेल्थ सेंटर
क्षेत्र में कहने को तो प्राइमरी हेल्थ सेंटर बना हुआ है लेकिन आज भी लोगों को यहां वे सुविधा नहीं मिलती है जो मिलनी चाहिए। एमबीबीएस डॉक्टर के पद पिछले आठ से अधिक सालों से खाली पड़े हैं। किसी ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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- प्रवीण शर्मा, स्थानीय निवासी
लोगों का स्वास्थ्य अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भर
प्राइमरी हेल्थ सेंटर पिछले कई वर्षों से बिना एमबीबीएस डॉक्टर के चल रहा है। लोगों का स्वास्थ्य अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भर है। इसमें कोई दो राय नहीं जो कर्मचारी यहां काम कर रहे हैं वह अपने स्तर पर बेहतर कर रहे हैं लेकिन अगर एमबीबीएस डॉक्टर के पद भरे जाएं तो बड़ी सुविधा मिलेगी।
- सुमन लता, पूर्व सरपंच
इस मसले को लेकर व्यक्तिगत तौर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से बात की है। यह विषय प्रदेश में डॉक्टरों की भर्ती से जुड़ा है जिस पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त तौर पर एक प्रक्रिया शुरू करेंगे ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो सके। क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर सीमावर्ती गांव इन स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर हैं।
मैं पिछले पांच वर्षों से यहां तैनात हूं। जब से कार्यभार संभाला है तबसे ही इस प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डॉक्टर के पद खाली हैं। दो एमबीबीएस डॉक्टर के पद हैं जो खाली हैं। फिर भी विभाग की ओर से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला पहले से ही लाया गया है।
डॉ. स्वामी शरण, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर