फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   truck union office Sealed

ट्रक यूनियन का दफ्तर सील

Thu, 25 Sep 2014 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ Updated Thu, 25 Sep 2014 01:43 AM IST
विज्ञापन
truck union office Sealed

ट्रक आपरेटर्स यूनियन के चुनाव पर रोक लगाते हुए जिला प्रशासन ने यूनियन के दफ्तर को सील कर दिया है। पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने यूनियन के दफ्तर में चुनाव पर रोक लगाने का नोटिस चस्पा कर दिया।

विज्ञापन


टीम ने यूनियन के दफ्तर की संपत्ति को भी सील कर दिया है। इसके साथ ही यूनियन के कामकाज का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को जिम्मा सौंपा गया है। उधर, यूनियन के मुद्दों और समस्याओं के निपटारे के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।
विज्ञापन


अब पुलिस और एवीडी की देखरेख में ट्रकों के आनेजाने, रूट आदि की पर्ची काटी जाएगी। दरअसल, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ट्रक आपरेटर्स यूनियन का एक धड़ा मतदान की प्रक्रिया के लिए तैयार था। बुधवार को प्रस्तावित मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही तहसीलदार कठुआ जितेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएसपी मुख्यालय मुशीम अहमद सहित पुलिस टीम ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को लागू करने की कवायद शुरू कर दी। सबसे पहले चुनाव पर तत्काल रोक के आदेश की प्रति प्रदर्शित कर दी गई, जिसके बाद यूनियन के दफ्तर सहित अन्य इमारती ढांचों को सील कर दिया गया। इनमें यूनियन की तीन दुकानों और चार हॉल भी शामिल हैं।

संपत्ति सील करने से पहले संपत्ति का ब्योरा तैयार किया गया। इसके बाद प्रशासन ने यूनियन के कामकाज का जिम्मा आरटीओ के अधीन कर दिया। यूनियन के विवादित मुद्दों और समस्याओं की जांच कर निपटारे के लिए सहायक आयुक्त राजस्व सूरज प्रकाश रकवाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी ट्रक आपरेटर्स यूनियन की विसंगतियों को दूर करने की व्यवस्था करेगी।


ट्रक आपरेटर्स यूनियन चुनाव की प्रक्रिया पर ऐन मतदान के मौके पर रोक लगाते हुए प्रशासन ने कानूनी आधार भी बताया है। मुख्य तौर पर तीन बड़े तर्क दिए गए हैं, जिनमें यूनियन के दोनों धड़ों के बीच आए दिन टकराव होना, यूनियन चुनाव की मतदाता सूची में स्पष्टता का अभाव और प्रतिभागी सदस्यों की प्रमाणिकता का हवाला दिया गया है। इसके अलावा प्रशासन ने अपने आधिकारिक आदेश में पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा व्यक्त की गई अप्रिय घटनाओं की आशंकाओं का भी जिक्र किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed