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बस सेवा शुरू न होने से लोगों में रोष
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हीरानगर। ओल्ड सांबा-कठुआ रोड के विस्तारीकरण के बावजूद इस पर बस सेवा शुरू न होने से दर्जनों सीमावर्ती गांवों के लोगों में रोष है। क्योंकि, ज्यादातर सीमावर्ती गांव इस सड़क से जुड़े हुए हैं।
लोगों का कहना है कि यह मार्ग पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जम्मू से लेकर पंजाब और पंजाब से लेकर जम्मू तक निजी वाहनों की आवाजाही हो रही है। लेकिन, यात्री बस न होने के कारण आज भी लोगों को हाईवे पर जाकर जम्मू या कठुआ के लिए बस पकड़नी पड़ती है। बॉर्डर एसोसिएशन के चेयरमैन रतन लाल ने कहा कि लंबे समय से सीमावर्ती लोग इस मार्ग से जम्मू और कठुआ के लिए सीधी बस सेवा की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुका है। ज्यादातर सीमावर्ती लोग इससे जुड़े हैं। रोजाना यहां से हजारों निजी वाहन और टिप्परों की आवाजाही होती है। लेकिन, एक भी यात्री बस यहां से नहीं गुजरती। पांच तहसीलों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर 1980 के पहले जम्मू-कठुआ के बीच बसें चलती थीं। उसके बाद सड़क की खस्ता हालत के चलते यह सुविधा बंद हो गई।
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अध्यक्ष ने कहा कि अब यह सड़क हाईवे के मुकाबले की बनी हुई है। लेकिन, अभी तक बस सेवा शुरू नहीं हुई। नायब सरपंच कुलदीप राज ने कहा कि इस मार्ग पर बस सेवा शुरू होती है तो करीब दो दर्जन सीमावर्ती गांवों को हाईवे पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनके पैसे भी बचेंगे, और समय की भी बचत होगी।
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लोगों का कहना है कि यह मार्ग पूरी तरह से तैयार हो चुका है। जम्मू से लेकर पंजाब और पंजाब से लेकर जम्मू तक निजी वाहनों की आवाजाही हो रही है। लेकिन, यात्री बस न होने के कारण आज भी लोगों को हाईवे पर जाकर जम्मू या कठुआ के लिए बस पकड़नी पड़ती है। बॉर्डर एसोसिएशन के चेयरमैन रतन लाल ने कहा कि लंबे समय से सीमावर्ती लोग इस मार्ग से जम्मू और कठुआ के लिए सीधी बस सेवा की मांग कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि यह मार्ग लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुका है। ज्यादातर सीमावर्ती लोग इससे जुड़े हैं। रोजाना यहां से हजारों निजी वाहन और टिप्परों की आवाजाही होती है। लेकिन, एक भी यात्री बस यहां से नहीं गुजरती। पांच तहसीलों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर 1980 के पहले जम्मू-कठुआ के बीच बसें चलती थीं। उसके बाद सड़क की खस्ता हालत के चलते यह सुविधा बंद हो गई।
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अध्यक्ष ने कहा कि अब यह सड़क हाईवे के मुकाबले की बनी हुई है। लेकिन, अभी तक बस सेवा शुरू नहीं हुई। नायब सरपंच कुलदीप राज ने कहा कि इस मार्ग पर बस सेवा शुरू होती है तो करीब दो दर्जन सीमावर्ती गांवों को हाईवे पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनके पैसे भी बचेंगे, और समय की भी बचत होगी।