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Kathua News: पेयजल आपूर्ति के लिए चल रहा कार्य तीन साल बाद भी अधूरा
Tue, 20 May 2025 12:57 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 20 May 2025 12:57 AM IST
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जल जीवन मिशन परियोजना के अंतर्गत अधूरा पड़ा टैंक निर्माण का कार्य। संवाद
- फोटो : kathua
1500 से अधिक आबादी को करना पड़ रहा पीने के पानी की समस्या का सामना
लोग बावलियों और कुओं से पानी लाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। रामकोट के ब्लॉक नगरोटा गुजरू के तहत पंचायत रजवालता वार्ड नंबर 5 में जल जीवन मिशन के तहत शुरू किया गया पेयजल आपूर्ति का कार्य तीन साल बाद भी अधूरा है। इस परियोजना की धीमी गति के कारण 1500 से अधिक स्थानीय आबादी को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मोड़ा नवल, ढंग, रूट, गूड़ा, नणोला, सिंबली, खिंबली, कल्यार, डमा और पेली जैसे इलाकों में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत और भी बढ़ गई है। इनमें से मोड़ा नवल, ढंग, रूट, गुढ़ा, नणोला और डामा में स्वतंत्रता के 70 साल बाद भी नल से पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पाई है। यहां के लोग दैनिक जरूरतों के लिए बावलियों और कुओं से पानी लाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं।
स्थानीय समाजसेवी हरि सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत तीन पानी के टैंक स्वीकृत किए गए थे जिसमें एक 20,000 गैलन का और दो 10,000 गैलन के। इनमें से नणोला इलाके में एक टैंक का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन कई महीनों से यह कार्य ठप पड़ा हुआ है। यदि इस टैंक का निर्माण पूरा हो जाए, तो नवल और डंग इलाकों की पानी की समस्या का समाधान हो सकता है।
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ग्रामीणों ने कई बार जल शक्ति विभाग से इस समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हरि सिंह, प्रकाश, करनैल सिंह, रतन चंद, सागर चंद, मगर सिंह, करनैल, सादो और प्रेम कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत ट्रांसफार्मर भी लग चुके हैं और पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन इसका लाभ अभी तक लोगों को नहीं मिल पाया है।
ठेकेदार की धीमी कार्यशैली बनी बाधा
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित ठेकेदार इस परियोजना को बेहद धीमी गति से आगे बढ़ा रहा है, जिससे जल संकट का समाधान नहीं हो पा रहा है। सिंबली इलाके में नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे वहां के निवासियों को 2 किलोमीटर पैदल चलकर सिर पर पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जल जीवन मिशन की इस अधूरी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो लोग आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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लोग बावलियों और कुओं से पानी लाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। रामकोट के ब्लॉक नगरोटा गुजरू के तहत पंचायत रजवालता वार्ड नंबर 5 में जल जीवन मिशन के तहत शुरू किया गया पेयजल आपूर्ति का कार्य तीन साल बाद भी अधूरा है। इस परियोजना की धीमी गति के कारण 1500 से अधिक स्थानीय आबादी को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मोड़ा नवल, ढंग, रूट, गूड़ा, नणोला, सिंबली, खिंबली, कल्यार, डमा और पेली जैसे इलाकों में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत और भी बढ़ गई है। इनमें से मोड़ा नवल, ढंग, रूट, गुढ़ा, नणोला और डामा में स्वतंत्रता के 70 साल बाद भी नल से पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पाई है। यहां के लोग दैनिक जरूरतों के लिए बावलियों और कुओं से पानी लाने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं।
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स्थानीय समाजसेवी हरि सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत तीन पानी के टैंक स्वीकृत किए गए थे जिसमें एक 20,000 गैलन का और दो 10,000 गैलन के। इनमें से नणोला इलाके में एक टैंक का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन कई महीनों से यह कार्य ठप पड़ा हुआ है। यदि इस टैंक का निर्माण पूरा हो जाए, तो नवल और डंग इलाकों की पानी की समस्या का समाधान हो सकता है।
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ग्रामीणों ने कई बार जल शक्ति विभाग से इस समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हरि सिंह, प्रकाश, करनैल सिंह, रतन चंद, सागर चंद, मगर सिंह, करनैल, सादो और प्रेम कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत ट्रांसफार्मर भी लग चुके हैं और पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन इसका लाभ अभी तक लोगों को नहीं मिल पाया है।
ठेकेदार की धीमी कार्यशैली बनी बाधा
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित ठेकेदार इस परियोजना को बेहद धीमी गति से आगे बढ़ा रहा है, जिससे जल संकट का समाधान नहीं हो पा रहा है। सिंबली इलाके में नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे वहां के निवासियों को 2 किलोमीटर पैदल चलकर सिर पर पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जल जीवन मिशन की इस अधूरी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो लोग आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।