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जिले में कम नही हो रही कुष्ठ रोगियों की संख्या
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कठुआ। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुष्ठ रोगियों को उपचार दिए जाने के बावजूद इनकी संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। हालात ऐसे हैं कि हर वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे उपचार के बाद जितने मरीज हर साल ठीक हो रहे हैं, उतने ही नए मरीजों के सामने आ जाने से पिछले पांच सालों के आंकड़ों में सुधार नही हो पा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 के दौरान कुल कुष्ठ रोगियों की संख्या 13 थी। वर्ष 2020-21 में 12 कुष्ठ रोगी विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे उपचार के बाद पूरी तरह से स्वस्थ हुए लेकिन सात नए रोगियों के सामने आने के बाद जिला में कुष्ठ रोग के मरीजों की संख्या 8 हो गई थी। इसी तरह वर्ष 2021-22 में के दौरान जिले में पांच मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हुए हैं। लेकिन 12 नए लोगों में कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद यह आंकड़ा फिर 15 हो गया है।
जिले से कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ समीना वजीर का कहना है कि विभाग जिला में कुष्ठ की पुष्टि होने के बाद मरीजों के स्वास्थ्य पर पूरी नजर रखते हुए उन्हें सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराता है। जिसका नतीजा रहा है कि पिछले करीब पांच सालों में मरीजों के आंकड़े स्थिर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ के कुछ प्रारंभिक लक्षणों के बारे में समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। ताकि मरीजों को शुरूआत में बेहतर उपचार देकर इस रोग के कारण होने वाली शारीरिक दिव्यांगता से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कुष्ठ पूरी तरह से ठीक हो पाने वाली एक बीमारी है। लिहाजा अगर किसी को भी कोई परेशानी है तो वह सामने आए। ताकि हम जिला को पूरी तरह कुष्ठ मुक्त बना सके।
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विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 के दौरान कुल कुष्ठ रोगियों की संख्या 13 थी। वर्ष 2020-21 में 12 कुष्ठ रोगी विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे उपचार के बाद पूरी तरह से स्वस्थ हुए लेकिन सात नए रोगियों के सामने आने के बाद जिला में कुष्ठ रोग के मरीजों की संख्या 8 हो गई थी। इसी तरह वर्ष 2021-22 में के दौरान जिले में पांच मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हुए हैं। लेकिन 12 नए लोगों में कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद यह आंकड़ा फिर 15 हो गया है।
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जिले से कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ समीना वजीर का कहना है कि विभाग जिला में कुष्ठ की पुष्टि होने के बाद मरीजों के स्वास्थ्य पर पूरी नजर रखते हुए उन्हें सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराता है। जिसका नतीजा रहा है कि पिछले करीब पांच सालों में मरीजों के आंकड़े स्थिर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ के कुछ प्रारंभिक लक्षणों के बारे में समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है। ताकि मरीजों को शुरूआत में बेहतर उपचार देकर इस रोग के कारण होने वाली शारीरिक दिव्यांगता से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कुष्ठ पूरी तरह से ठीक हो पाने वाली एक बीमारी है। लिहाजा अगर किसी को भी कोई परेशानी है तो वह सामने आए। ताकि हम जिला को पूरी तरह कुष्ठ मुक्त बना सके।
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