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Kathua News: अदालत ने दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में किया बरी
Tue, 29 Apr 2025 01:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 29 Apr 2025 01:03 AM IST
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कोरोना काल में अवैध तरीके से प्रदेश में प्रवेश करवाने का मामला
कठुआ। उप न्यायाधीश अमनदीप कौर ने कोरोना काल में अवैध तरीके से प्रदेश में प्रवेश करवाने के दो आरोपियों को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपियों के अपराध को साबित करने में विफल रहा। इसके परिणामस्वरूप कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के आरोपपत्र सहित जमानत और व्यक्तिगत बांड को खारिज करने का निर्देश दिया है।
पुलिस के अनुसार, सागर सिंह निवासी दुखत और धर्मपाल पुत्र निवासी बुद्धि नगरोटा पर आरोप था कि दोनों ने कोरोना काल में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना करते हुए लोगों को अवैध तरीके से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने में मदद की। इसके बाद लखनपुर पुलिस ने साल 2020 में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ 6 जुलाई 2022 को कोर्ट में आरोप पत्र तय किए थे। मामले में दोनों आरोपी व्यक्तियों ने कोर्ट से दोषी नहीं होने का अनुरोध करते हुए मुकदमा चलाने का दावा किया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष को मामले में सुबूत पेश करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों की सूची में से सिर्फ एक ही गवाह को कोर्ट में पेश किया गया। इस वर्ष 9 जनवरी 2025 को अभियोजन पक्ष की ओर से शेष गवाहों को कोर्ट में पेश करने की याचिका दी गई। इस पर आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने के लिए कई अवसर दिए हैं, लेकिन वह असफल रहे। इसके अलावा आरोपियों के वकील ने कहा कि अभियुक्त कोर्ट की हर पेशी पर मौजूद रहे हैं, जो अभियोजन पक्ष के दावे को कमजोर करते हैं कि कोविड-19 के चलते अभियोजन पक्ष गवाहों को पेश नहीं कर सका। इसके बाद आरोपी के वकील ने कोर्ट से चालान को खारिज करने की अपील की, जिसे कोर्ट ने मान लिया और दोनों आरोपियों को दोषी ठहराने के प्राप्त साक्ष्य न होने के चलते उन्हें बरी करने का निर्देश दिया।
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कठुआ। उप न्यायाधीश अमनदीप कौर ने कोरोना काल में अवैध तरीके से प्रदेश में प्रवेश करवाने के दो आरोपियों को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपियों के अपराध को साबित करने में विफल रहा। इसके परिणामस्वरूप कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के आरोपपत्र सहित जमानत और व्यक्तिगत बांड को खारिज करने का निर्देश दिया है।
पुलिस के अनुसार, सागर सिंह निवासी दुखत और धर्मपाल पुत्र निवासी बुद्धि नगरोटा पर आरोप था कि दोनों ने कोरोना काल में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना करते हुए लोगों को अवैध तरीके से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने में मदद की। इसके बाद लखनपुर पुलिस ने साल 2020 में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ 6 जुलाई 2022 को कोर्ट में आरोप पत्र तय किए थे। मामले में दोनों आरोपी व्यक्तियों ने कोर्ट से दोषी नहीं होने का अनुरोध करते हुए मुकदमा चलाने का दावा किया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष को मामले में सुबूत पेश करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों की सूची में से सिर्फ एक ही गवाह को कोर्ट में पेश किया गया। इस वर्ष 9 जनवरी 2025 को अभियोजन पक्ष की ओर से शेष गवाहों को कोर्ट में पेश करने की याचिका दी गई। इस पर आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने के लिए कई अवसर दिए हैं, लेकिन वह असफल रहे। इसके अलावा आरोपियों के वकील ने कहा कि अभियुक्त कोर्ट की हर पेशी पर मौजूद रहे हैं, जो अभियोजन पक्ष के दावे को कमजोर करते हैं कि कोविड-19 के चलते अभियोजन पक्ष गवाहों को पेश नहीं कर सका। इसके बाद आरोपी के वकील ने कोर्ट से चालान को खारिज करने की अपील की, जिसे कोर्ट ने मान लिया और दोनों आरोपियों को दोषी ठहराने के प्राप्त साक्ष्य न होने के चलते उन्हें बरी करने का निर्देश दिया।
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