बसोहली। जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी वीरवार को काम छोड़ हड़ताल पर बैठे रहे। पीएचई डेलीवेजर एसोसिएशन के प्रधान शंकर सिंह ने बताया कि बार-बार सरकार से जल शक्ति विभाग के नीड बेसिस, डेलीवेजर, आईटीआई कर्मियों को पक्का करने की गुहार लगाई जा रही है। इसके साथ ही मिनिमम वेजेस एक्ट लागू करने, एसआरओ 64 का लाभ देने की मांग भी की जा रही है, लेकिन उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके कारण 48 घंटे की काम छोड़ हड़ताल पर अस्थायी कर्मियों को जाना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि पूरे उपमंडल में करीब 10 जल शक्ति विभाग के स्टेशन है। इनमें से बसोहली में दो मुख्य स्टेशन पलाही और अटल सेतु के नजदीक हैं। यहां से बसोहली और पलाही क्षेत्र के लोगों को पानी की आपूर्ति होती है। वीरवार को तो जल शक्ति विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति नलों के जरिए दी गई, लेकिन अब हड़ताल पर बैठने के बाद शुक्रवार से वह काम नहीं करेंगे और न ही पेयजल आपूर्ति को बहाल करेंगे। इससे लोगों को 2 से 3 दिनों तक पेयजल किल्लत से जूझना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि बसोहली तहसील में डेलीवेजर, सीपी वर्कर, आईटीआई वर्कर को मिलाकर करीब तीस कर्मी है, जो सरकार से उनकी मांगे पूरी करने की लगातार गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए। अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वह इसी तरह से हड़ताल पर डटे रहेंगे। इस अवसर पर कपिल पाधा, जगमोहन, संदीप, राकेश कुमार, रवि दास, और अन्य उपस्थित रहे।