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शहर की फिजां का दम घोंट रहे कारखाने
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
Updated Wed, 18 May 2016 01:32 AM IST
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फैक्ट्री से निकलता धुआं
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदूषण के सभी मानदंडों को ताक पर रखकर चलाई जा रहीं औद्योगिक इकाइयां इन दिनों खूब जहर उगल रही हैं। इसका अंदाजा शाम ढलते ही हटली मोड़ से सटे इलाकों में जाने पर लग जाता है। आधा शहर और गोविंदसर से लेकर मग्गर खड्ड तक का इलाका दम घाेंटू हवा का शिकार है।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जम्मू संभाग में कठुआ औद्योगिक क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित इलाकों में से एक है। आबादी वाले इलाकों से सटा होने के बावजूद न तो प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के इंतजाम किए गए हैं और न ही आम लोगों की किसी को परवाह है।
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सुबह और शाम के समय ताजी हवा लेकर सेहत ठीक रखने का प्रयास करने वालों पर अब यह हवा उल्टा असर करने लगी है। इलाके के कई लोग सांस संबंधी रोगों से परेशान होने लगे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि प्रदूषण का यह खेल रात के समय शुरू होता है। अंधेरा होने के बाद औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कोई नियंत्रण नहीं रहता।
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स्थानीय निवासी हरबंस सिंह, सुदेश कुुमार, शशि शर्म, परमवीर, दिव ज्योत आदि ने बताया कि शाम ढलने के बाद घर के बाहर तो दूर घरों के भीतर बैठना तक मुश्किल हो जाता है। इलाके में टायर समेत सीमेंट और पेस्टिसाइड इकाइयां जहरीला धुआं छोड़ रही हैं। हालत काफी बिगड़ चुके हैं। इलाके से गुजरने पर दुर्गंध को कोई भी महसूस कर लेता है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।