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Kathua News: बेसहारा मवेशी रोज उजाड़ रहे गेहूं की फसल, किसान परेशान
Mon, 28 Apr 2025 01:12 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:12 AM IST
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धार सड़क पर घूमते बेसहारा मवेशी। संवाद
- फोटो : kathua
फसलों को सुरक्षित रखने के लिए रात के समय भी रखवाली कर रहे किसान
बिलावर। बेसहारा मवेशियों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। इलाके के देवल, टील्ला, बिलावर और किशनपुर के किसानों ने बताया कि फसलों को सुरक्षित रखने के लिए रात के समय में भी रखवाली करनी पड़ रही है।
किसान अशोक सिंह, मोहन सिंह, ओम प्रकाश और गिरधारी लाल ने बताया कि पिछले कई सालों से अलग-अलग कस्बों और गांवों में बेसहारा मवेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनकी वजह से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है, लेकिन मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों ने कहा कि एक तरफ प्रकृति की मार किसानों को झेलनी पड़ रही है और आए दिन मौसम में बदलाव के कारण फसल को समेटने में समय लग रहा है। ऐसे में फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
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बेसहारा मवेशियों को रखने के लिए बनाई गई गोशालाओं से भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। मवेशी हमेशा चारे की तलाश में खेतों में विचरते रहते हैं। फसलों को बचाने के लिए 24 घंटे रखवाली करनी पड़ रही है। बता दें कि उपमंडल के अलग-अलग इलाकों की सड़कों पर मवेशियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, जिससे वाहन चालक भी परेशान हैं। आए दिन सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों के कारण हादसे भी हुए हैं। कई बार मवेशियों को पकड़कर दूरदराज के जंगलों में छोड़ आते हैं, लेकिन कुछ समय बाद बेसहारा मवेशी चारे की तलाश में नगरों और गांवों की तरफ रुख कर जाते हैं। इलाके के ज्यादातर किसान केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर रहकर फसलें उगाते हैं। अगर मौसम अनुकूल रहे तो कई बार अच्छी पैदावार हो जाती है, लेकिन बेसहारा मवेशियों के कारण सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। संवाद
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बिलावर। बेसहारा मवेशियों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। इलाके के देवल, टील्ला, बिलावर और किशनपुर के किसानों ने बताया कि फसलों को सुरक्षित रखने के लिए रात के समय में भी रखवाली करनी पड़ रही है।
किसान अशोक सिंह, मोहन सिंह, ओम प्रकाश और गिरधारी लाल ने बताया कि पिछले कई सालों से अलग-अलग कस्बों और गांवों में बेसहारा मवेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनकी वजह से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है, लेकिन मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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किसानों ने कहा कि एक तरफ प्रकृति की मार किसानों को झेलनी पड़ रही है और आए दिन मौसम में बदलाव के कारण फसल को समेटने में समय लग रहा है। ऐसे में फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
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बेसहारा मवेशियों को रखने के लिए बनाई गई गोशालाओं से भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। मवेशी हमेशा चारे की तलाश में खेतों में विचरते रहते हैं। फसलों को बचाने के लिए 24 घंटे रखवाली करनी पड़ रही है। बता दें कि उपमंडल के अलग-अलग इलाकों की सड़कों पर मवेशियों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, जिससे वाहन चालक भी परेशान हैं। आए दिन सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों के कारण हादसे भी हुए हैं। कई बार मवेशियों को पकड़कर दूरदराज के जंगलों में छोड़ आते हैं, लेकिन कुछ समय बाद बेसहारा मवेशी चारे की तलाश में नगरों और गांवों की तरफ रुख कर जाते हैं। इलाके के ज्यादातर किसान केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर रहकर फसलें उगाते हैं। अगर मौसम अनुकूल रहे तो कई बार अच्छी पैदावार हो जाती है, लेकिन बेसहारा मवेशियों के कारण सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। संवाद