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पहाड़ों पर गिरे बर्फ के फाहे
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2015 07:10 PM IST
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नवंबर के आते ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। बुधवार से बदला मौसम वीरवार को और भी ठंडा हो गया। जिले के पर्वतीय इलाकों में बर्फ के फाहों ने फिजा को बदल डाला तो निचले मैदानी इलाकों में पहले दिन भर बादलों का डेरा रहा तो शाम को बारिश की फुहार ने ठंडक बढ़ा दी।
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सामान्य जनजीवन के लिए इसे सर्दी की औपचारिक शुरूआत की तरह देखा जा रहा है। सुबह से आसमान में बादलों की मौजूदगी रही। घुमड़ आए बादलों ने सूरज की तपिश को जमीन तक पहुंचने ही नहीं दिया। इससे मौसम में ठंडक हो गई। दोपहर को कुछ देर के लिए धूप निकली लेकिन उसके बाद फिर से बादल छा गए।
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इसके साथ ही हवा भी चलने लगी। ठंडी बयार के बीच गरम कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। शाम ढली तो बादलों ने बरसना भी शुरू कर दिया। शहर सहित आसपास के इलाकों में रिमझिम बारिश से मौसम सर्द हो गया। उधर जिले के पर्वतीय इलाकों में दूसरे दिन भी बर्फबारी हुई। हालांकि बर्फबारी केवल पर्वतीय चोटियों तक सीमित रही।
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जिले के भद्रवाह और हिमाचल से सटे इलाकों में ताजा बर्फ के फाहे गिरे। इससे ठंडक पहले से ज्यादा हो गई। वहीं बर्फबारी के साथ ही पर्वतीय चोटियों से सटे आबादी वाले इलाकों का जीवन मुश्किल हो गया है।
हालांकि लोग बर्फबारी सीजन से जुड़ी सामग्री जुटाने से लेकर अन्य तैयारियां पहले से ही शुरू कर चुके हैं लेकिन केरोसिन, बिजली और राशन से जुड़ी समस्याएं शुरू हो गई हैं।