छह दशक पुराना रावी पुल हुआ खस्ताहाल
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जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रावी पुल की हालत दिन प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। छह दशक पुराना यह पुल दो राज्यों के बीच न सिर्फ यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि व्यापार और संस्कृतियों को मिलाने का भी काम करता है। पर्यटन के लिहाज से भी यह पुल काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन, पिछले कई महीनों से पुल के हिस्सों की दरारें इस कदर बढ़ गई हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कुछ साल पहले तक इसी पुल से वाहनों का आवागमन होता रहा। इस पुल की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने इस पुल के असुरक्षित होने और वाहनों को बेवजह खड़ा न करने की चेतावनी भी लगा दी थी।
इस पुल की साल 2012-13 में मरम्मत कर इसे राज्य से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। हालत इस कदर खस्ता हो चुकी है कि पुल पर एक फुट तक दरारें बन चुकी हैं, जिन पर न चाहते हुए भी वाहन चालकों को वाहन उतारने पड़ रहे हैं। ब्रेक लगाने के चक्कर में हादसे भी होते हैं, वहीं वाहनों की भी दुर्गति हो रही है। जम्मू-कश्मीर पहुंचे पर्यटक अपने साथ अच्छी यादों की जगह वाहनों की दुर्गति की यादें ले जाते हैं। पुल से रोजाना सफर करने वाले लोगों की हालत तो और भी बद्तर है।