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सड़क संपर्क न होने से ग्रामीण होते बेहाल
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बिलावर। उपमंडल मुख्यालय से सटे कई गांवों के लोग आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। उनकी यह समस्या किसी से छिपी नहीं है, मगर कोई सुनवाई नहीं है। मजबूर होकर लोगों को पैदल सड़क संपर्क तक पहुंचना पड़ता है। अगर कोई बीमार हो तो सबसे अधिक परेशानी होती है। बीमार व्यक्ति को पालकी में बैठाकर जाना पड़ता है।
काला डवर, सयारू बडोला, गलु धट सहित कई अन्य गांवों के लोगों ने बताया कि कोटी गांव तक सरकार की ओर से सड़क बनाई जा चुकी है, लेकिन गांव से ऊपरी क्षेत्रों के कई गांवों में घरों तक पहुंचने के लिए करीब एक घंटे का समय लगता है। लोगों ने बताया कि कई बार सरकार से मांग कर चुके हैं कि उनके गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, लेकिन इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। मजबूरी में चार गांवों के लोगों को आज भी पैदल जाना पड़ता है। एक घंटे पैदल सफर करने के बाद लोग सड़क संपर्क तक पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार की ओर से कोटी से घट तक सड़क का निर्माण करने के लिए योजना तैयार की गई थी जो ठंडे बस्ते में है। 14 किलोमीटर लंबी सड़क केवल 7 किलोमीटर तक ही बन पाई है। लोगों ने कहा कि चार गांवों की करीब 3000 से अधिक की आबादी के सामने संकट है। सड़क संपर्क न होने से कई प्रकार के विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
पंच जोगिंदर सिंह ने बताया कि इस संबंध में कई बार मांग की है। समस्या को कई बार एडीसी के समक्ष भी रखा है, लेकिन इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
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प्रीतम सिंह ने कहा अगर कोटि से घट के लिए सड़क का निर्माण किया जाए तो बिलावर पहुंचने के लिए वाया सुकराला नहीं जाना पड़ेगा। यह रास्ता काफी पास पड़ेगा।
लकी सिंह ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को होती है। बुजुर्गों को एक घंटे चढ़ाई चढ़ने के बाद पैदल अपने घर पहुंचना पड़ता है।
विक्रम सिंह ने कहा कि जल्द से जल्द इलाके को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए कोई योजना बनाई जाए और पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का निर्माण किया जाए।
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काला डवर, सयारू बडोला, गलु धट सहित कई अन्य गांवों के लोगों ने बताया कि कोटी गांव तक सरकार की ओर से सड़क बनाई जा चुकी है, लेकिन गांव से ऊपरी क्षेत्रों के कई गांवों में घरों तक पहुंचने के लिए करीब एक घंटे का समय लगता है। लोगों ने बताया कि कई बार सरकार से मांग कर चुके हैं कि उनके गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए, लेकिन इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। मजबूरी में चार गांवों के लोगों को आज भी पैदल जाना पड़ता है। एक घंटे पैदल सफर करने के बाद लोग सड़क संपर्क तक पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि सरकार की ओर से कोटी से घट तक सड़क का निर्माण करने के लिए योजना तैयार की गई थी जो ठंडे बस्ते में है। 14 किलोमीटर लंबी सड़क केवल 7 किलोमीटर तक ही बन पाई है। लोगों ने कहा कि चार गांवों की करीब 3000 से अधिक की आबादी के सामने संकट है। सड़क संपर्क न होने से कई प्रकार के विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
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पंच जोगिंदर सिंह ने बताया कि इस संबंध में कई बार मांग की है। समस्या को कई बार एडीसी के समक्ष भी रखा है, लेकिन इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
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प्रीतम सिंह ने कहा अगर कोटि से घट के लिए सड़क का निर्माण किया जाए तो बिलावर पहुंचने के लिए वाया सुकराला नहीं जाना पड़ेगा। यह रास्ता काफी पास पड़ेगा।
लकी सिंह ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को होती है। बुजुर्गों को एक घंटे चढ़ाई चढ़ने के बाद पैदल अपने घर पहुंचना पड़ता है।
विक्रम सिंह ने कहा कि जल्द से जल्द इलाके को सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए कोई योजना बनाई जाए और पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का निर्माण किया जाए।