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दरिया में फंसे आठ लोग, चार का वायुसेना के चॉपर से रेस्क्यू
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उज्ज दरिया के खतरे के निशान से ऊपर बहने से मैदानी इलाकों में एक बार फिर खतरा मंडराने लगा। शाम के समय माही चक के नजदीक तीन और खंडवाल इलाके में चार लोगों के बाढ़ में फंसने की सूचना पुलिस को मिली। खंडवाल में रेस्क्यू के लिए प्रशासन ने वायु सेना की मदद ली।
बाढ़ में फंसे 24 वर्षीय असगर, 22 वर्षीय निक्कू, 16 वर्षीय दीन और 12 वर्षीय सोनू को वायु सेना के चॉपर की मदद से दरिया से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उधर, माहीचक इलाके में फंसे नूर मोहम्मद, लियाकत, गुलजार को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन देर शाम तक जारी रहा। माही चक में यह लोग 25 से 30 मवेशियों के साथ दरिया के बीचों बीच जा फंसे थे।
मौके पर एसडीआरएफ की मदद ली गई है। वहीं, बनी के खाद दरिया के उफान पर आने के बाद अपने दो दर्जन मवेशियों के साथ बाढ़ में फंसे अल्ताफ हुसैन निवासी चलोग का पुलिस ने रेस्क्यू किया है।
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हाईवे के बाद लिंक मार्ग पर मंडराया खतरा
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर सहार खड्ड पुल की बेड प्रोटेक्शन को खोखला करने के बाद उफान पर आए दरिया ने निचले इलाके शेरपुर खड्ड में भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। ओल्ड सांबा-कठुआ मार्ग के शेरपुर के नजदीक बने कॉजवे की बेड प्रोटेक्शन भी बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। हाईवे पर सोमवार को ही पुल के आधे हिस्से से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था। लगातार बारिश जारी रहने से मंगलवार को भी जलस्तर के कम होने का इंतजार हाईवे प्राधिकरण को करना पड़ा। बाढ़ को देखते हुए पुल के नजदीक एक एंबुलेंस और पुलिस की तैनाती भी सुनिश्चित कर दी गई है।
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बाढ़ में फंसे 24 वर्षीय असगर, 22 वर्षीय निक्कू, 16 वर्षीय दीन और 12 वर्षीय सोनू को वायु सेना के चॉपर की मदद से दरिया से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उधर, माहीचक इलाके में फंसे नूर मोहम्मद, लियाकत, गुलजार को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन देर शाम तक जारी रहा। माही चक में यह लोग 25 से 30 मवेशियों के साथ दरिया के बीचों बीच जा फंसे थे।
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मौके पर एसडीआरएफ की मदद ली गई है। वहीं, बनी के खाद दरिया के उफान पर आने के बाद अपने दो दर्जन मवेशियों के साथ बाढ़ में फंसे अल्ताफ हुसैन निवासी चलोग का पुलिस ने रेस्क्यू किया है।
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हाईवे के बाद लिंक मार्ग पर मंडराया खतरा
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर सहार खड्ड पुल की बेड प्रोटेक्शन को खोखला करने के बाद उफान पर आए दरिया ने निचले इलाके शेरपुर खड्ड में भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। ओल्ड सांबा-कठुआ मार्ग के शेरपुर के नजदीक बने कॉजवे की बेड प्रोटेक्शन भी बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है। हाईवे पर सोमवार को ही पुल के आधे हिस्से से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था। लगातार बारिश जारी रहने से मंगलवार को भी जलस्तर के कम होने का इंतजार हाईवे प्राधिकरण को करना पड़ा। बाढ़ को देखते हुए पुल के नजदीक एक एंबुलेंस और पुलिस की तैनाती भी सुनिश्चित कर दी गई है।