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Kathua News: गुरु अर्जन देव के बलिदान को किया याद
Sat, 31 May 2025 01:18 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 31 May 2025 01:18 AM IST
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गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर कठुआ में लगाई गई मीठे पानी की छबील। संवाद
- फोटो : kathua
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस शहर सावन चक स्थित गुरुद्वारा साहिब में समागम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लेकर गुरु के प्रति अपनी आस्था प्रदर्शित की। वहीं युवा सिख संगत ने छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा और मीठा पानी पिलाया।
शुक्रवार को से शुरू हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अखंड पाठ साहिब जी के भोग के साथ समागम की शुरुआत हुई। इस दौरान रागी जत्थों से शामिल भाई सतिंदर सिंह बटाला वाले और स्थानीय रागी जत्था भाई सुखजीत सिंह ने अपने मधुर कंठ से गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया।
वहीं, प्रचारक भाई गुरप्रीत सिंह ने सिख धर्म के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत दुनिया के लिए शिरोमणि शहादत के रूप में जानी जाती है। क्योंकि गुरु अर्जन देव जी मुगलों के अत्याचार के खिलाफ अपनी शहादत से न केवल धर्म की रक्षा की बल्कि इसे और मजबूती प्रदान की।
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इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के सचिव मनमोहन सिंह ने श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत को न्याय, अधिकार और सत्य की रक्षा के लिए किया गया ऐसा संघर्ष बताया, जो आने वाली पीढ़ी का भी मार्गदर्शन करती रहेगी। गुरु अर्जन देव जी ने अमृतसर साहिब में हरिमंदर साहिब की स्थापना करके सिखों को एक केंद्रीय आध्यात्मिक स्थान दिया।
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कठुआ। श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस शहर सावन चक स्थित गुरुद्वारा साहिब में समागम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लेकर गुरु के प्रति अपनी आस्था प्रदर्शित की। वहीं युवा सिख संगत ने छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा और मीठा पानी पिलाया।
शुक्रवार को से शुरू हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अखंड पाठ साहिब जी के भोग के साथ समागम की शुरुआत हुई। इस दौरान रागी जत्थों से शामिल भाई सतिंदर सिंह बटाला वाले और स्थानीय रागी जत्था भाई सुखजीत सिंह ने अपने मधुर कंठ से गुरु की महिमा का बखान कर संगत को निहाल किया।
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वहीं, प्रचारक भाई गुरप्रीत सिंह ने सिख धर्म के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत दुनिया के लिए शिरोमणि शहादत के रूप में जानी जाती है। क्योंकि गुरु अर्जन देव जी मुगलों के अत्याचार के खिलाफ अपनी शहादत से न केवल धर्म की रक्षा की बल्कि इसे और मजबूती प्रदान की।
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इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के सचिव मनमोहन सिंह ने श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत को न्याय, अधिकार और सत्य की रक्षा के लिए किया गया ऐसा संघर्ष बताया, जो आने वाली पीढ़ी का भी मार्गदर्शन करती रहेगी। गुरु अर्जन देव जी ने अमृतसर साहिब में हरिमंदर साहिब की स्थापना करके सिखों को एक केंद्रीय आध्यात्मिक स्थान दिया।