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रिफ्यूजी फ्रंट ने दिया अल्टीमेटम
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Fri, 21 Nov 2014 02:04 AM IST
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युनाइटेड रिफ्यूजी फ्रंट के सदस्याें ने केंद्र सरकार के रवैए को आड़े हाथों लेते हुए अल्टीमेटम दिया है। फ्रंट के सदस्यों ने रिफ्यूजी परिवारों के साथ सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो प्रभावित परिवार संघर्ष कड़ा करने को मजबूर होंगे।
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आपात बैठक का आयोजन कर फ्रंट के जिला अध्यक्ष जगबीर सिंह, महासचिव भूषण शर्मा, सुशील कुमार और गुरचरण सिंह ने कहा कि 1947 से लेकर 1971 के दौरान पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर से लाखों की तादाद में परिवारों को प्रभावित होना पड़ा। रिफ्यूजी परिवारों को करीब सात दशक से न्याय का इंतजार है।
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इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार ने समय समय पर पुनर्वास पैकेज का भरोसा दिलाया। ताजा मामले में केंद्र सरकार ने कश्मीरी विस्थापितों के पुनर्वास को स्वीकार कर रिफ्यूजी परिवारों के पैकेज के प्रस्ताव को लौटा दिया है। फ्रंट सदस्यों का आरोप है कि इस पर केंद्र सरकार ने दोहरे चरित्र का सबूत दे दिया है।
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उन्होंने कहा कि पुनर्वास कार्यक्रम के लिए वह कई दफा विभिन्न स्तर पर सरकारी नुमाइंदों से मिले हैं। हर बार उन्हें मामले का स्थायी हल निकालने का भरोसा दिलाया गय।
अब सरकार ने रिफ्यूजी परिवारों के पुनर्वास पैकेज के प्रस्ताव को बिना मंजूर किए ही लौटा दिया है। यदि उन्हें न्याय नहीं दिया गया तो रिफ्यूजी परिवारों को संघर्ष को नए सिरे से कड़ा करने से परहेज नहीं होगा।