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दो घंटे की बारिश से जगह-जगह भरा पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
कठुआ। बरसात के सीजन में शहर में किए गए पानी की निकासी के प्रबंधन धरे के धरे रह गए हैं। मानसून की दो घंटे की बारिश ने ही बुधवार को शहर के निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया। नालों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहता नजर आया तो वहीं गर्ल्स हायर सेंकेडरी स्कूल चौक तालाब बन गया। आने-जाने वाले मुसाफिरों, खासकर स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, शहर के मुख्य बाजार में भी गलियां जलमग्न हो गईं। दुकानदारों के साथ-साथ राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना।
बुधवार को शहर में मौसम का पल-पल रंग बदला। सुबह आसमान में छाए घने बादल बरसना शुरू हुए तो दो घंटे में ही शहर की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। सुबह आठ बजे से दस बजे तक अच्छी बारिश रिकार्ड की गई जिसका किसानों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं इसके बाद एक बार फिर उमस ने लोगों को रूआंसा किया। बाद दोपहर तक हवा में नमीं की मात्रा अस्सी फीसदी के भी पार चली गई। जिससे लोगों को घरों में बैठना तक मुश्किल हो गया।
लो वोल्टेज की समस्या ने पूरे जिले को घेरा
खेतों में चलते पंप सेटों ने एक बार फिर बिजली तंत्र को ओवरलोड कर दिया है। हालात यह है कि जहां पिछले तीन दिन से हीरानगर और कठुआ के अधिकतर रिसीविंग स्टेशन ओवरलोड चल रहे हैं। वोल्टेज फ्लक्चुएशन के साथ ही घरों में पंखे तक चलना मुश्किल हो गया।
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कठुआ। बरसात के सीजन में शहर में किए गए पानी की निकासी के प्रबंधन धरे के धरे रह गए हैं। मानसून की दो घंटे की बारिश ने ही बुधवार को शहर के निचले इलाकों को जलमग्न कर दिया। नालों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहता नजर आया तो वहीं गर्ल्स हायर सेंकेडरी स्कूल चौक तालाब बन गया। आने-जाने वाले मुसाफिरों, खासकर स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, शहर के मुख्य बाजार में भी गलियां जलमग्न हो गईं। दुकानदारों के साथ-साथ राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना।
बुधवार को शहर में मौसम का पल-पल रंग बदला। सुबह आसमान में छाए घने बादल बरसना शुरू हुए तो दो घंटे में ही शहर की गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। सुबह आठ बजे से दस बजे तक अच्छी बारिश रिकार्ड की गई जिसका किसानों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं इसके बाद एक बार फिर उमस ने लोगों को रूआंसा किया। बाद दोपहर तक हवा में नमीं की मात्रा अस्सी फीसदी के भी पार चली गई। जिससे लोगों को घरों में बैठना तक मुश्किल हो गया।
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लो वोल्टेज की समस्या ने पूरे जिले को घेरा
खेतों में चलते पंप सेटों ने एक बार फिर बिजली तंत्र को ओवरलोड कर दिया है। हालात यह है कि जहां पिछले तीन दिन से हीरानगर और कठुआ के अधिकतर रिसीविंग स्टेशन ओवरलोड चल रहे हैं। वोल्टेज फ्लक्चुएशन के साथ ही घरों में पंखे तक चलना मुश्किल हो गया।
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