{"_id":"6159fd1c8ebc3e0dfa74d3a6","slug":"protest-kathua-news-jmu245009813","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क की दशा सुधारे जाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क की दशा सुधारे जाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
विज्ञापन
सड़क की दशा सुधारे जाने की मांग को लेकर शहर के वार्ड 12 में प्रदर्शन करते युवा, संवाद।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। शहर के वार्ड 12 को जाने वाले मुख्य मार्ग की मरम्मत न होने के चलते स्थानीय युवाओं ने लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद के खिलाफ कड़ा रोष जताया है। रविवार को स्थानीय युवाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए वार्ड के रुके हुए विकास के लिए नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे विशु अंडोत्रा ने कहा कि जराई चौक से वार्ड को आने वाली सड़क की दशा कई वर्षों से खराब है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग पर वार्ड के पार्षद का भी घर है। इसके बावजूद सड़क की दशा में सुधार नहीं हो पा रहा है। आए दिन नगर परिषद के प्रधान शहर के विकास के लिए करोड़ों के फंड उपलब्ध होने की बात कहते हैं। लेकिन, उनके वार्ड से विकास कोसों दूर है।
उन्होंने कहा कि वार्ड में स्थित बावलियों को जाने वाले मार्ग की हालत इतनी खराब है कि उस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। इनका उपयोग वार्ड 10 और 11 के लोग भी करते हैं। वहीं, जगह-जगह बने गड्ढों में भरा बारिश का पानी इस मौसम में डेंगू को भी आमंत्रित कर रहा है। नगर परिषद का चुनाव हुए ढाई साल से ज्यादा हो गए, लेकिन अब तक वार्ड में विकास दिखाई नहीं दे रहा। इसका मुख्य कारण नगर परिषद के चुने हुए पार्षदों में कुर्सी को लेकर मची घमासान है। पार्षद विकास के लिए नहीं, कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर 15 दिनों के भीतर वार्ड की सड़क की दशा सुधारने का प्रयास नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। जब भी लोग पार्षद के पास जाते हैं, तो कहा जाता है कि प्रधान के लगाए अड़ंगों के कारण विकास नहीं हो पा रहा है। और, जब इस बारे में प्रधान से बात की जाती है, तो वह वार्ड के विकास के लिए पार्षदों की अकर्मण्यता को जिम्मेदार ठहराते हैं। लोगों को बदहाल स्थिति में रहना पड़ रहा है। अगर सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो इसके खिलाफ जो भी कदम उठाने पड़ेंगे, उससे पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे विशु अंडोत्रा ने कहा कि जराई चौक से वार्ड को आने वाली सड़क की दशा कई वर्षों से खराब है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग पर वार्ड के पार्षद का भी घर है। इसके बावजूद सड़क की दशा में सुधार नहीं हो पा रहा है। आए दिन नगर परिषद के प्रधान शहर के विकास के लिए करोड़ों के फंड उपलब्ध होने की बात कहते हैं। लेकिन, उनके वार्ड से विकास कोसों दूर है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वार्ड में स्थित बावलियों को जाने वाले मार्ग की हालत इतनी खराब है कि उस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। इनका उपयोग वार्ड 10 और 11 के लोग भी करते हैं। वहीं, जगह-जगह बने गड्ढों में भरा बारिश का पानी इस मौसम में डेंगू को भी आमंत्रित कर रहा है। नगर परिषद का चुनाव हुए ढाई साल से ज्यादा हो गए, लेकिन अब तक वार्ड में विकास दिखाई नहीं दे रहा। इसका मुख्य कारण नगर परिषद के चुने हुए पार्षदों में कुर्सी को लेकर मची घमासान है। पार्षद विकास के लिए नहीं, कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर 15 दिनों के भीतर वार्ड की सड़क की दशा सुधारने का प्रयास नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। जब भी लोग पार्षद के पास जाते हैं, तो कहा जाता है कि प्रधान के लगाए अड़ंगों के कारण विकास नहीं हो पा रहा है। और, जब इस बारे में प्रधान से बात की जाती है, तो वह वार्ड के विकास के लिए पार्षदों की अकर्मण्यता को जिम्मेदार ठहराते हैं। लोगों को बदहाल स्थिति में रहना पड़ रहा है। अगर सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो इसके खिलाफ जो भी कदम उठाने पड़ेंगे, उससे पीछे नहीं हटेंगे।