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पेयजल संकट का समाधान किए जाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
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कठुआ। जल शक्ति विभाग की ओर से की जा रही अपर्याप्त पेयजल आपूर्ति के कारण अपनी प्यास बुझाने के लिए परेशान बासियां के लोगों ने विभाग के खिलाफ कड़ा रोष जताया। मंगलवार को दर्जनों ग्रामीणों ने विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करते हुए समस्या का समाधान किए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे खेमराज रैना ने कहा कि विभाग की ओर से गांव में सप्ताह में एक बार पानी की सप्लाई दी जाती है। वह भी इतनी कम होती है कि उससे लोगों का पूरे सप्ताह गुजारा कर पाना असंभव है। गांव के लिए बेहतर सड़क न होने के कारण भीषण गर्मी में लोगों को अपनी जरूरत का पानी एकत्र करने के लिए तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर दूसरे गांव से पानी लाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गांव में रहने वाले लोग पहले ही आर्थिक रूप से इतने संपन्न नहीं हैं। वहीं, अपर्याप्त पेयजल आपूर्ति के कारण होने वाली परेशानी से बचने के लिए अगर कोई व्यक्ति टैंकर मंगाना चाहे भी तो वह नहीं मंगा सकता। मजबूरन लोगों को दूसरे गांव से ही पैदल पानी लाना नियति बन गया है। क्योंकि गांव में भूजल विभाग के लगाए दो हैंडपंप पिछले दो वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। जिन्हें बार-बार शिकायत करने के बावजूद ठीक नहीं किया जा रहा है।
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विभाग को चेतावनी देते हुए खेमराज ने कहा कि आज गांव के लोग जिला मुख्यालय पर आकर जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से समस्या के समाधान की लोकतांत्रिक तरीके से मांग कर रहे हैं। अगर इसके बावजूद लोगों की समस्या का समाधान आने वाले दो-चार दिनों में नहीं किया गया, तो मजबूरन गांव के सभी लोग हाईवे पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। और, इससे होने वाली सारी परेशानी के जिम्मेदार विभाग के अधिकारी और प्रशासन होगा। लगातार मांग किए जाने के बावजूद उनके कान पर जूं नहीं रेंग रही।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे खेमराज रैना ने कहा कि विभाग की ओर से गांव में सप्ताह में एक बार पानी की सप्लाई दी जाती है। वह भी इतनी कम होती है कि उससे लोगों का पूरे सप्ताह गुजारा कर पाना असंभव है। गांव के लिए बेहतर सड़क न होने के कारण भीषण गर्मी में लोगों को अपनी जरूरत का पानी एकत्र करने के लिए तीन से चार किलोमीटर पैदल चलकर दूसरे गांव से पानी लाना पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि गांव में रहने वाले लोग पहले ही आर्थिक रूप से इतने संपन्न नहीं हैं। वहीं, अपर्याप्त पेयजल आपूर्ति के कारण होने वाली परेशानी से बचने के लिए अगर कोई व्यक्ति टैंकर मंगाना चाहे भी तो वह नहीं मंगा सकता। मजबूरन लोगों को दूसरे गांव से ही पैदल पानी लाना नियति बन गया है। क्योंकि गांव में भूजल विभाग के लगाए दो हैंडपंप पिछले दो वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। जिन्हें बार-बार शिकायत करने के बावजूद ठीक नहीं किया जा रहा है।
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विभाग को चेतावनी देते हुए खेमराज ने कहा कि आज गांव के लोग जिला मुख्यालय पर आकर जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से समस्या के समाधान की लोकतांत्रिक तरीके से मांग कर रहे हैं। अगर इसके बावजूद लोगों की समस्या का समाधान आने वाले दो-चार दिनों में नहीं किया गया, तो मजबूरन गांव के सभी लोग हाईवे पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। और, इससे होने वाली सारी परेशानी के जिम्मेदार विभाग के अधिकारी और प्रशासन होगा। लगातार मांग किए जाने के बावजूद उनके कान पर जूं नहीं रेंग रही।