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खरीद केंद्र में भाई-भतीजावाद करने का लगाया आरोप
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कठुआ। किसानों को राहत पहुंचाने की कवायद के तहत जिला में लोगेट मोड़ में खोले गए धान खरीद केंद्रों में भाई भतीजावाद किए जाने का किसानों ने आरोप लगाया है। सोमवार को दर्जनों किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अगले 24 घंटों में खरीद केंद्र में पड़े उनके धान की तौल नहीं हुई। तो वह लोग इसके खिलाफ डीसी कार्यालय का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे।
रोष जता रहे किसानों का नेतृत्व कर रहे लोगेट गांव के पूर्व नायब सरपंच सतपाल चौधरी ने कहा कि खरीद केंद्र में किसानों का पिछले 1 माह से धान पड़ा हुआ है। खुले आसमान के नीचे पड़े अपने धान की रखवाली के लिए किसानों को सर्दी के इस मौसम में दरबदर होना पड़ रहा है। लेकिन खरीद केंद्र के अधिकारी अभी भी खरीद में भाई-भतीजावाद करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। क्योंकि यहां पर धान की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगा कर कुछ किसानों के धान नहीं खरीदे गए हैं। जबकि इसी खरीद केंद्र में कुछ किसानों के धान जो कि खरीदे गए हैं उनकी गुणवत्ता इनसे भी कम है। उन्होंने कहा कि मौसम की मार के चलते इस बार धान की फसल कुछ कमजोर हुई है। लेकिन इस धान की भी खरीद किए जाने जाने की प्रतिबद्धता प्रशासन ने जताई थी। इस सबके बावजूद किसानों को खरीद केंद्रों में परेशान किया जा रहा है। जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्योंकि इस समय गेहूं की फसल लगाने का सीजन है और किसान अगर इस तरह खरीद केंद्रों पर महीनों बैठा रहेगा तो उसकी गेहूं की फसल भी खराब होगी। लिहाजा वह अगले 24 घंटों तक इंतजार करने के बाद अगला कोई कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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रोष जता रहे किसानों का नेतृत्व कर रहे लोगेट गांव के पूर्व नायब सरपंच सतपाल चौधरी ने कहा कि खरीद केंद्र में किसानों का पिछले 1 माह से धान पड़ा हुआ है। खुले आसमान के नीचे पड़े अपने धान की रखवाली के लिए किसानों को सर्दी के इस मौसम में दरबदर होना पड़ रहा है। लेकिन खरीद केंद्र के अधिकारी अभी भी खरीद में भाई-भतीजावाद करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। क्योंकि यहां पर धान की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगा कर कुछ किसानों के धान नहीं खरीदे गए हैं। जबकि इसी खरीद केंद्र में कुछ किसानों के धान जो कि खरीदे गए हैं उनकी गुणवत्ता इनसे भी कम है। उन्होंने कहा कि मौसम की मार के चलते इस बार धान की फसल कुछ कमजोर हुई है। लेकिन इस धान की भी खरीद किए जाने जाने की प्रतिबद्धता प्रशासन ने जताई थी। इस सबके बावजूद किसानों को खरीद केंद्रों में परेशान किया जा रहा है। जिसे वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्योंकि इस समय गेहूं की फसल लगाने का सीजन है और किसान अगर इस तरह खरीद केंद्रों पर महीनों बैठा रहेगा तो उसकी गेहूं की फसल भी खराब होगी। लिहाजा वह अगले 24 घंटों तक इंतजार करने के बाद अगला कोई कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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