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बारिश से फूल की खेती को लाभ संभव

Wed, 29 Oct 2014 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ Updated Wed, 29 Oct 2014 01:59 AM IST
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Possible benefit from rain flower cultivation

मैदानों में हुई बारिश और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि से किसानों को मिलाजुला परिणाम मिला है। एक तरफ जहां धान की फसल को नुकसान हुआ है तो फूल खेती के लिए बारिश अनुकूल मौसम तैयार कर रही है।

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किसानों ने बताया कि पिछले साल भी बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई थी और इस बार बारिश के कारण एक तरफ जहां कटी हुई फसल गिली हो गई है।

निचले पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर मौसम अगले दो दिन तक ऐसा ही रहता है तो कटी हुई फसल बबार्द हो जाएगी और किसानों को इस बार भी नुकसान ही झेलना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि किसानों के लिए राहत की बात तभी हो सकती है कि सूर्य देव दर्शन देकर फसल को बर्बाद होेने से बचा लें। बुधवार तक अगर धूप नहीं आई तो किसानों के लिए परेशानी बढ़ जाएगी।
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दूसरी और फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए बारिश राहत भरी है। किसानों ने कहा कि फूल खेती के लिए मौसम अनुकूल    बन रहा है। ऐसे में जो किसान फसल काट चुके हैं वह फूल   खेती की तैयारी शुरू कर चुके हैं। विभाग भी किसानों को फूलों के बीज दे रहा है।

उधर बिलावर में काह कछीड व आसपास के गांवों में मंगलवार की सुबह भारी ओलावृष्टि हु़ई जिससे धान और मकई की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।

यही नही मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी और पहाड़ी इलाके में हल्की बर्फबारी से सर्दी बढ़ गई है। अचानक पारा लुढ़कने से ठंड तेज हो गई है और लोगों को गर्म कपडे़ पहनने पड़ रहे हैं।


मंगलवार की सुबह करीब दस बजे आसमान पर छाई काली घटाओं ने बरसना शुरू कर दिया। हालांकि अधिकतर इलाके में हल्की बूंदाबांदी ही हुई।

मगर काह, कछीड, ववेह व गढ सामना बंझ के इलाके में भारी ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान और मकई की फसल को काफी नुकसान पहुंचा।

किसान नरेश कुमार शर्मा, कर्ण सिहं, रमेश चंद्र, राज कुमार, बंसीलाल आदि ने बताया कि काह कछीड व आसपास के पहाड़ी इलाके में फसल देर से पकती है।

लिहाजा चंद दिनों के बाद किसान फसल की कटाई शुरू करने वाले थे। मगर ओलावृष्टि ने उनकी तमाम मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने सरकार से नुकसान का जायजा लेकर किसानों को मुनासिब मुआवजा देने की दिया जाए।

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