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शराब के बाद मछली ठेका से सरकार मालामाल
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कठुआ/बसोहली। जिले में शराब के ठेकों के लिए ई टेंडरिंग प्रक्रिया में जहां पांच करोड़ की प्रदेश में सबसे अधिक बोली लगी है, वहीं मछली पकड़ने के ठेके में भी सरकार को भारी मुनाफा हुआ है। शनिवार को रंजीत सागर झील बसोहली में मछली पकड़ने के लिए ई टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हुई। इस प्रक्रिया के दैरान एक करोड़ 21 लाख 11 हजार 111 रुपये की बोली लगाकर कालका फिश कंपनी बसोहली ने ठेका अपने नाम कर लिया है। बीते साल यह ठेका 52 लाख 15 हजार रुपये में गया था। ऐसे में सरकार की झोली में दोगुने से भी अधिक राजस्व आया है।
ई टेंडरिंग में इसके अलावा एक करोड़ 17 लाख, एक करोड़ 16 लाख और एक करोड़ छह लाख समेत कुछ बोलियां एक करोड़ से कम की भी लगी थीं। दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार के पास रंजीत सागर जलाशय का लगभग 58 फीसदी से अधिक हिस्सा है, जबकि पंजाब के पास 35 फीसदी और शेष हिमाचल के हिस्से में जाता है। बसोहली की काल्का फिश कंपनी के राम प्रसाद टाक ने बताया कि हालांकि यह ठेका किसी भी कीमत पर मुनाफे का सौदा नहीं है, लेकिन बसोहली में कंपनी की ओर से पहले से किए गए निवेश के बाद उनके लिए यह सौदा इज्जत बचाने का था। बताया कि निविदा के लिए पूरे भारत भर से आवेदन मांगे गए थे। ऐसे में स्थानीय मछुआरों को बचाने के लिए यह टेंडर लिया गया है।
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ई टेंडरिंग में इसके अलावा एक करोड़ 17 लाख, एक करोड़ 16 लाख और एक करोड़ छह लाख समेत कुछ बोलियां एक करोड़ से कम की भी लगी थीं। दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार के पास रंजीत सागर जलाशय का लगभग 58 फीसदी से अधिक हिस्सा है, जबकि पंजाब के पास 35 फीसदी और शेष हिमाचल के हिस्से में जाता है। बसोहली की काल्का फिश कंपनी के राम प्रसाद टाक ने बताया कि हालांकि यह ठेका किसी भी कीमत पर मुनाफे का सौदा नहीं है, लेकिन बसोहली में कंपनी की ओर से पहले से किए गए निवेश के बाद उनके लिए यह सौदा इज्जत बचाने का था। बताया कि निविदा के लिए पूरे भारत भर से आवेदन मांगे गए थे। ऐसे में स्थानीय मछुआरों को बचाने के लिए यह टेंडर लिया गया है।
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