कठुआ। कंडी क्षेत्र के घनी रिहायशी इलाके में प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के विरोध में बरवाल वासियों का विरोध जारी है। शुक्रवार को गांव की महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से इलाके के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बंद किए जाने की मांग की है। वहीं, इस मौके पर मौजूद क्लामेट फ्रंट जम्मू के सदस्यों ने ग्रामीणों के पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की प्रशंसा करते हुए उनकी मांग को हर मंच पर उठाने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अमरीश जसरोटिया ने कहां की घनी आबादी वाले इस इलाके में विकास के नाम पर लगाई जाने वाली औद्योगिक इकाइयां क्षेत्र के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि बरवाल और बुद्धि गांव के बीच के इलाके में विकसित किए जा रहे इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए वहां लगे करीब 20 हजार पेड़ों को काटा जाएगा। इससे इलाके के पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई किया जा पाना संभव नही है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण से होने वाले खिलवाड़ को स्थानीय लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों को स्थापित करने का वह कतई विरोध नही करते हैं लेकिन जिस तरह से लोगों के रहने के स्थानों को इसकी चपेट में लिया जा रहा है वह ठीक नहीं है। पहाड़ी क्षेत्र में इस तरह पर्यावरण से होने वाला खिलवाड़ न केवल यहां की आबोहवा को खराब करेगा बल्कि भविष्य में इससे यहां प्राकृतिक आपदा की संभावना भी बढ़ जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि इलाके के पर्यावरण के साथ होने वाले खिलवाड़ को बंद नही किया गया तो वह लोग इसके खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाने से पीछे नही रहेंगे।