{"_id":"68b0a197d5a11cf83b0e9d93","slug":"on-nag-panchami-devotees-gathered-in-the-nag-devta-temple-in-sanyal-kathua-news-c-201-1-knt1002-123505-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: नाग पंचमी पर सन्याल में नाग देवता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: नाग पंचमी पर सन्याल में नाग देवता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
Fri, 29 Aug 2025 12:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
शहर के शहीदी चौक में नाग देवता के स्थान पर पूजा करते हुए भक्तसंवाद
हीरानगर। सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले पवित्र पर्व नाग पंचमी के अवसर पर कंडी क्षेत्र के डिंगा अंब इलाके में सन्याल में स्थित प्राचीन नाग देवता देवस्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और नाग देवता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि व कालसर्प दोष से मुक्ति की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा। श्रद्धालुओं ने परंपरागत तरीके से नाग देवता को दूध से स्नान कराया और सुगंधित पुष्प, चंदन, और लावा अर्पित किए। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिसने उत्सव के माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
भंडारे का आयोजन स्थानीय समिति और ग्रामीणों के सहयोग से किया गया, जिसमें भक्तों के लिए स्वादिष्ट प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई थी। भंडारे में खीर, पूड़ी, हलवा, और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का वितरण किया गया। स्थानीय लोगों ने कहा यह आयोजन हर साल हमारी आस्था और एकजुटता का प्रतीक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से गुलजार रहा। श्रद्धालुओं ने परंपरागत तरीके से नाग देवता को दूध से स्नान कराया और सुगंधित पुष्प, चंदन, और लावा अर्पित किए। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिसने उत्सव के माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
विज्ञापन
भंडारे का आयोजन स्थानीय समिति और ग्रामीणों के सहयोग से किया गया, जिसमें भक्तों के लिए स्वादिष्ट प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई थी। भंडारे में खीर, पूड़ी, हलवा, और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का वितरण किया गया। स्थानीय लोगों ने कहा यह आयोजन हर साल हमारी आस्था और एकजुटता का प्रतीक है।
विज्ञापन