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Kathua News: एनडीआरएफ ने छात्रों को आपदा में बचाव का दिया प्रशिक्षण
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- हायर सेकेंडरी स्कूल कोडपुन्नू में 13वीं बटालियन ने किया जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। सीमावर्ती गांव कोडपुन्नू के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 13वीं बटालियन की ओर से स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली छात्रों को आपदा में अपने और दूसरों के बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने छात्रों को बताया कि कैसे भूकंप के दौरान अपनी रक्षा और दूसरों की मदद करनी चाहिए। बताया कि भूकंप आने पर छात्र सबसे पहले डेस्क के नीचे छुपकर अपने सिर को बचाएं या तुरंत स्कूल की इमारत के पिलर के पास खड़े हो जाएं और झटके बंद होने के बाद वहां से निकलें। किसी तरह की अफरा तफरी का माहौल न बनाएं। छात्रों को ऐसे हालात में जख्मी हुए लोगों को प्राथमिक इलाज देने की भी जानकारी दी गई। हार्ट अटैक आने पर सीपीआर देने का तरीका भी छात्रों को सिखाया। टीम ने छात्रों को आग और पानी से बचाव के भी गुर सिखाए।
छात्रों को संबोधित करते उप कमांडेंट सुनील दत्त वर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आपदा में बचाव के प्रति जागरूक करना है। आपदा में बचाव के बारे में जितने अधिक लोगों को पता होगा, उतनी जल्दी और बड़े स्तर पर बचाव कार्य किया जा सकता है। कार्यक्रम के लिए स्कूल के शिक्षकों और छात्रों ने एनडीआरएफ के अधिकारियों और टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें भविष्य में काफी लाभ होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। सीमावर्ती गांव कोडपुन्नू के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 13वीं बटालियन की ओर से स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली छात्रों को आपदा में अपने और दूसरों के बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने छात्रों को बताया कि कैसे भूकंप के दौरान अपनी रक्षा और दूसरों की मदद करनी चाहिए। बताया कि भूकंप आने पर छात्र सबसे पहले डेस्क के नीचे छुपकर अपने सिर को बचाएं या तुरंत स्कूल की इमारत के पिलर के पास खड़े हो जाएं और झटके बंद होने के बाद वहां से निकलें। किसी तरह की अफरा तफरी का माहौल न बनाएं। छात्रों को ऐसे हालात में जख्मी हुए लोगों को प्राथमिक इलाज देने की भी जानकारी दी गई। हार्ट अटैक आने पर सीपीआर देने का तरीका भी छात्रों को सिखाया। टीम ने छात्रों को आग और पानी से बचाव के भी गुर सिखाए।
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छात्रों को संबोधित करते उप कमांडेंट सुनील दत्त वर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आपदा में बचाव के प्रति जागरूक करना है। आपदा में बचाव के बारे में जितने अधिक लोगों को पता होगा, उतनी जल्दी और बड़े स्तर पर बचाव कार्य किया जा सकता है। कार्यक्रम के लिए स्कूल के शिक्षकों और छात्रों ने एनडीआरएफ के अधिकारियों और टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें भविष्य में काफी लाभ होगा।
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