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विशेष बैठक के लिए पार्षदों का दल सीईओ से मिलने पहुंचा
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कठुआ। 29 जुलाई को दूसरी बार लाए गए अविश्वास प्रस्ताव मामले में पार्षदों का एक दल मंगलवार को सीईओ दिलीप अबरोल से मिलने पहुंचा। उन्होंने मांग रखी कि अध्यक्ष के पास दस दिन के लिए विशेष बैठक बुलाने का समय था, जो पूरा हो गया है। ऐसे में कार्यकारी अधिकारी विशेष बैठक बुलाएं। उधर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने साफ किया है कि मामले में पहले ही 23 जुलाई को ट्रिब्यूनल की ओर से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी से मिलने पहुंचे पार्षद रवींद्र पठानिया ने कहा कि पहले लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर ट्रिब्यूनल की ओर से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं, जिसमें खामियों के चलते 29 जुलाई को 12 पार्षदों ने नया अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया है। दस दिन पूरे होने पर पार्षद कार्यकारी अधिकारी के पास विशेष बैठक बुलाने के संबंध में मिलने आए थे। लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने चिट्ठी दिखाई कि ट्रिब्यूनल ने 23 जुलाई के आदेश में यथास्थिति बनाए रखने को कहा है।
उन्होंने कहा कि बुधवार को मामले में अगली तारीख है। ऐसे में जो भी निर्देश होंगे, उसका इंतजार किया जाएगा। कहा कि मामला पहले प्रस्ताव पर विचाराधीन बना था। अब उन्हें इंतजार है कि ट्रिब्यूनल क्या फैसला लेता है। पठानिया ने कहा कि नगर परिषद कठुआ की ओर से शहर के अलग-अलग वार्डों में रोजाना उद्घाटन किए जा रहे हैं। उन्होंने अध्यक्ष, सीईओ को चैलेंज किया कि श्वेत पत्र जारी कर नगर परिषद लायबिलिटी बताई जाएं।
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आरोप लगाया कि कार्यालय से सभी विभागों को फंड्स के अभाव में कुछ नया नहीं करने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों के वार्ड में फंड्स अभाव बताया जाता है और अन्य वार्डों में लगातार उद्घाटन किया जा रहा है। कहा कि इससे ऐसी संभावना है कि नगर परिषद को भविष्य में जो भी चलाए उसके लिए दिक्कतें बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
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अधिकारी से मिलने पहुंचे पार्षद रवींद्र पठानिया ने कहा कि पहले लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर ट्रिब्यूनल की ओर से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश हैं, जिसमें खामियों के चलते 29 जुलाई को 12 पार्षदों ने नया अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया है। दस दिन पूरे होने पर पार्षद कार्यकारी अधिकारी के पास विशेष बैठक बुलाने के संबंध में मिलने आए थे। लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने चिट्ठी दिखाई कि ट्रिब्यूनल ने 23 जुलाई के आदेश में यथास्थिति बनाए रखने को कहा है।
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उन्होंने कहा कि बुधवार को मामले में अगली तारीख है। ऐसे में जो भी निर्देश होंगे, उसका इंतजार किया जाएगा। कहा कि मामला पहले प्रस्ताव पर विचाराधीन बना था। अब उन्हें इंतजार है कि ट्रिब्यूनल क्या फैसला लेता है। पठानिया ने कहा कि नगर परिषद कठुआ की ओर से शहर के अलग-अलग वार्डों में रोजाना उद्घाटन किए जा रहे हैं। उन्होंने अध्यक्ष, सीईओ को चैलेंज किया कि श्वेत पत्र जारी कर नगर परिषद लायबिलिटी बताई जाएं।
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आरोप लगाया कि कार्यालय से सभी विभागों को फंड्स के अभाव में कुछ नया नहीं करने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों के वार्ड में फंड्स अभाव बताया जाता है और अन्य वार्डों में लगातार उद्घाटन किया जा रहा है। कहा कि इससे ऐसी संभावना है कि नगर परिषद को भविष्य में जो भी चलाए उसके लिए दिक्कतें बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।