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नगर परिषद के 12 पार्षदों को उच्च न्यायालय से मिली राहत
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कठुआ नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी आधिकारी को हाई कोर्ट के आदेश की प्रति देने पहुंचे पार्षद, संवाद
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। नगर परिषद कठुआ में 12 जुलाई से चल रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रिब्यूनल से नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में नरेश शर्मा और रेखा कुमारी राहत दिए जाने के बाद विरोधी 12 पार्षद उच्च न्यायालय पहुंच गए।
वीरवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर बागी पार्षदों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को उच्च न्यायालय के ताजा आदेश की प्रति सौंपी है। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी से निर्देशानुसार अगली कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा है कि उच्च न्यायालय ने कोई आदेश नहीं दिया है। अभी सुनवाई हो रही है। 1 अक्टूबर तक उनके वकील को ऑब्जेक्शन दाखिल करने लिए समय दिया गया है। कोर्ट ने कहा है कि 1 अक्टूबर तक कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। फिलहाल, जो अध्यक्ष है, वही रहेगा।
उन्होंने कहा कि बताया जा रहा है कि आदेश में कहा है कि बैठक की जानी है। लेकिन, उसके लिए साफ नहीं है। बैठक की भी जा सकती है और नहीं भी। इससे पहले नगर परिषद के पार्षदों का एक दल मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल से मिला। पार्षद रवींद्र पठानिया ने कहा कि जिस तरह से शुरू से घटनाक्रम जारी है, ट्रिब्यूनल में मामला जाने के बाद हाई कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा करने को कहा।
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पठानिया ने कहा कि ट्रिब्यूनल में तथ्यों को गलत तरीके से रखा गया, तो ट्रिब्यूनल ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के हक में फैसला लिया। इससे वह निराश थे, और हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यदि वे लोग हाई कोर्ट में मामला लेकर नहीं जाते तो आने वाली पीढ़ी भी अपने अविश्वास को जता नहीं सकती थीं। हाई कोर्ट ने जो फैसला दिया है, इसमें ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी गई है। वीरवार को उसकी प्रति मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है। 1 अक्टूबर को यह केस पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
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इस मामले में वरिष्ठ कानूनी अधिकारी से बात की है। उन्होंने फाइल लेकर शुक्रवार जम्मू निदेशालय बुलाया है। जैसे आदेशों में सफाई दी जाएगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- दिलीप अबरोल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ।
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वीरवार को नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर बागी पार्षदों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को उच्च न्यायालय के ताजा आदेश की प्रति सौंपी है। उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी से निर्देशानुसार अगली कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा है कि उच्च न्यायालय ने कोई आदेश नहीं दिया है। अभी सुनवाई हो रही है। 1 अक्टूबर तक उनके वकील को ऑब्जेक्शन दाखिल करने लिए समय दिया गया है। कोर्ट ने कहा है कि 1 अक्टूबर तक कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। फिलहाल, जो अध्यक्ष है, वही रहेगा।
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उन्होंने कहा कि बताया जा रहा है कि आदेश में कहा है कि बैठक की जानी है। लेकिन, उसके लिए साफ नहीं है। बैठक की भी जा सकती है और नहीं भी। इससे पहले नगर परिषद के पार्षदों का एक दल मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल से मिला। पार्षद रवींद्र पठानिया ने कहा कि जिस तरह से शुरू से घटनाक्रम जारी है, ट्रिब्यूनल में मामला जाने के बाद हाई कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा करने को कहा।
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पठानिया ने कहा कि ट्रिब्यूनल में तथ्यों को गलत तरीके से रखा गया, तो ट्रिब्यूनल ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के हक में फैसला लिया। इससे वह निराश थे, और हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यदि वे लोग हाई कोर्ट में मामला लेकर नहीं जाते तो आने वाली पीढ़ी भी अपने अविश्वास को जता नहीं सकती थीं। हाई कोर्ट ने जो फैसला दिया है, इसमें ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी गई है। वीरवार को उसकी प्रति मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी गई है। 1 अक्टूबर को यह केस पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
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इस मामले में वरिष्ठ कानूनी अधिकारी से बात की है। उन्होंने फाइल लेकर शुक्रवार जम्मू निदेशालय बुलाया है। जैसे आदेशों में सफाई दी जाएगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- दिलीप अबरोल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ।

हाईकोर्ट से मिले आदेश के बारे में जानकारी देते पार्षद, संवाद।- फोटो : KATHUA