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Kathua News: सीजफायर पर ज्यादातर लोग बोले पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी था

Sun, 11 May 2025 01:16 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sun, 11 May 2025 01:16 AM IST
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Most people said on ceasefire that it was necessary to teach Pakistan a lesson
इस बार बार्डर के लोगाें ने भी अडिग होकर घर नहीं छोड़ने का लिया फैसला, सीमा प्रहरियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रहे खड़े
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कठुआ। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति को झेलने वाले अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। देश में आतंकवाद के खिलाफ पहलगाम आतंकी हमले से उबाल के बाद भारत के रूख ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दे दिया। लेकिन लोग यह जरूर चाहते हैं कि इस तनाव के बीच जिन आम नागरिकों की मौत हुई, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि पाकिस्तान को पूरी तरह से खत्म करके ही दी जा सकती थी। हालांकि एक बड़ा तपका यह भी मानता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो भी फैसला लिया है वो देशहित में लिया है।
सोशल मीडिया पर भी संघर्ष विराम के फैसले पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली जुली देखने को मिली। जम्मू कश्मीर ने यह हालात हमेशा ही देखे हैं। ऐसे में यहां के लोग इस बार निर्णायक कार्रवाई चाहते थे। यही नहीं इस बार बार्डर के लोगाें ने भी अडिग होकर अपने घर न छोड़ने का फैसला लिया और सीमा प्रहरियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
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पाकिस्तान के पास कोई चारा नहीं था। सीजफायर ही एकमात्र उपाय था। भारत सरकार ने बता दिया कि आतंकवाद को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत सरकार का यह दो टूक संदेश पाकिस्तान को इस बार मिल चुका है।
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राजीव जसरोटिया, विधायक, जसरोटा

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पाकिस्तान को सबक सिखाया जाना जरूरी था। उम्मीद है कि भारत के इस आक्रामक रवैये से पाकिस्तान सबक लेगा और अपनी जमीन पर आतंकवाद को रोकेगा। पूरा देश भारत सरकार के साथ एकजुट होकर इस बार आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हुआ है। सेना, वायुसेना और नौसेना के अद्भुत शौर्य पर हर भारतीय को गर्व है।

सुभाष गुप्ता, पूर्व विधान परिषद सदस्य

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बहुत अच्छा फैसला है। भारत ने हमेशा अमन शांति का संदेश दिया है। लोगों का नुकसान न हो इसके लिए इस समय यह जरूरी था। भारत ने अपने शौर्य से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी है। घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है।


डॉ रामेश्वर सिंह, विधायक,बनी



सरकार ने जो भी फैसला लिया वो जनता के हित में लिया है। पाकिस्तान को भारत ने घुटने टेकने को मजबूर करते हुए करारा जवाब दिया है। भारत कभी आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सन्नी शर्मा, यूथ फेडरेशन लखनपुर
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इस बार लोगों का मन पूरी तरह से आर पार का था। कभी अपने सैनिकों और कभी जनता का खून बहता है। जरूरत थी कि पाकिस्तान को इस बार ऐसा जवाब दिया जाता था कि दोबारा भारत की ओर आंख उठाकर नहीं देख पाता। इसके लिए देश की पूरी जनता भारतीय सेना और देश के प्रधानमंत्री के समर्थन में है। देश के प्रधानमंत्री ने जो भी फैसला लिया वो देश के हित में ही होगा।

सुषमा शर्मा, जिला अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा

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पाकिस्तान भारत की तपिश तीन दिन भी नहीं झेल पाया है। भारत का यह आक्रामक रूप, देश की जनता के बीच पनपा गुस्सा था। जिससे भारत ने यह साबित कर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ वो निर्णायक युद्ध से भी पीछे नहीं हटेगा। यह पाकिस्तान को साफ संदेश दिया गया है। उम्मीद है कि पाकिस्तान इससे सबक लेगा। इस समय संघर्ष विराम समय की जरूरत थी। देश की आर्थिक व्यवस्था और लोगों की जान माल की रक्षा करना सरकार का दायित्व भी है। प्रधानमंत्री का सशर्त इस संघर्ष विराम को लेकर फैसला देश हित में है।

अनुज भारती, जिला प्रवक्ता, भाजपा

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हमारी फौज ने साहस का परिचय दिया और पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए। जिन्होंने शहादत दी उन्हें सैल्यूट है। जिन्हें नुकसान हुआ उन्हें सरकार को मुआवजा देना चाहिए। आतंकवाद से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। केंद्र को संसद बुलानी चाहिए और प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि यह कैसे हुआ। अमेरिका ने मध्यस्ता का दावा किया है देखते हैं कि संघर्ष विराम को किस तरह से लागू किया जाता है। आज प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद आ रही है जिन्होंने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे। आज पूरा विपक्ष और देश सरकार के साथ खड़ा है।



पंकज डोगरा, जिला अध्यक्ष कांग्रेस


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युद्ध नहीं रुकना चाहिए था। जिस संकल्प के साथ यह निर्णायक युद्ध शुरू किया था वो सरकार का ही फैसला नहीं था बल्कि देश की 140 करोड़ जनता के मन का भाव और फैसला था। सरकार ने संघर्ष विराम किया है तो इसमें मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची के अनुसार उन्हें भारत को सौंपे और सिंधु जल समझौते को फिर से लागू नहीं किया जाना चाहिए और स्थाई तौर पर रद्द किया जाना चाहिए।

शशि शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता,
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